नई दिल्ली, मार्च 24। शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या बढ़ गयी है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या करने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके काम आएगी। दरअसल हम आपको यहां एक ऐसे शेयर की जानकारी देंगे, जिसके लिए 35 फीसदी अपसाइड टार्गेट रखा गया है। यानी अनुमान लगाया है कि ये शेयर अपने मौजूदा भाव से करीब 35 फीसदी ऊपर जा सकता है। आगे जानिए शेयर की डिटेल।
किस तरह के शेयर में करें निवेश
जिस शेयर के बारे में हम आपको बताएंगे, उससे पहले ये जान लीजिए कि किस तरह के शेयर में निवेश करना चाहिए। जानकार बताते हैं इक्विटी मार्केट में जब भी निवेश करें तो जिस शेयर में आप पैसा लगा रहें उसकी कीमत नहीं, बल्कि वैल्यू देखें। दूसरी चीज उसके फंडामेंटल देखें। यानी कंपनी के बेसिक (तिमाही नतीजे, प्रोफिट, आय आदि) कैसे हैं।
ये है क्वालिटी वाला शेयर
इस समय जो एक क्वालिटी वाला शेयर सामने आया है वो है सीईएससी (कलकत्ता इलेक्टिक सप्लाई कॉरपोरेशन)। ये एक पावर सेक्टर की कंपनी है। ये एक सस्ता शेयर है, जिसकी कीमत 75 रु के आस पास है। मगर ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल ने इस शेयर पर दांव लगाने की सलाह दी है। इस ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि ये शेयर अपने मौजूदा भाव से 35 फीसदी ऊपर जा सकता है।
कितना है टार्गेट प्राइस
सीईएससी का मौजूदा भाव 75.10 रु है। मगर इसके लिए टार्गेट प्राइस 101 रु है। यानी ये मौजूदा भाव से 34.62 फीसदी रिटर्न दे सकता है। एक और फायदे की बात यह है कि सीईएससी 6 फीसदी का डिविडेंड दे रही है। यानी आपको प्रति शेयर डिविडेंड का भी फायदा मिल सकता है। ये इस शेयर को खरीदने का सही समय है। कंपनी की कमाई के हिसाब से ग्रोथ भी अच्छी है।
आगे हो सकता है फायदा
एमके ग्लोबल के मुताबिक आगे देश में पावर डिस्ट्रीब्यूशन सुधार होंगे, जिससे इस कंपनी को फायदा हो सकता है। आगे होने वाले रिफॉर्म से ये भी फायदा उठा सकती है। 2022 में अब तक सीईएससी 15 फीसदी गिर चुका है। इस गिरावट से ये आकर्षक वैल्युएशन पर आ गया है। ये एक और कारण है इस शेयर पर दांव लगाने की सलाह देने का।
ऐसे आएगी ग्रोथ
सीईएससी को जो फैक्टर मुख्य रूप से ग्रोथ दिला सकता है वो है डिस्ट्रीब्यूशन। बीते सालों में इसने 4 डिस्ट्रीब्यूशन आधारित फ्रेंचाइजी प्राप्त कीं। इनमें 3 राजस्थान के कोटा, भरतपुर और बीकानेर में और एक महाराष्ट्र के मालेगांव में है। अब थोड़ी सी बात करते हैं कंपनी के इतिहास की। बता दें कि 1970 में, कंपनी का नियंत्रण लंदन से कलकत्ता में स्थानांतरित कर दिया गया था। 1978 में इसका नाम "द कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड" रखा गया। आरपीजी ग्रुप 1989 से कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड से जुड़ा और इसका नाम द कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड से बदलकर सीईएससी लिमिटेड कर दिया गया। 2011 में सीईएससी आरपी-संजीव गोयनका समूह का हिस्सा बन गया, जिसे 13 जुलाई 2011 को आरपीजी एंटरप्राइजेज के दिवंगत संस्थापक डॉ आरपी गोयनका के सबसे छोटे बेटे संजीव गोयनका ने बनाया था।


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