कोरोनावायरस से निपटने के लिए देश में लागू किया गया लॉकडाउन 2 हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब 3 मई को खत्म होने वाला कोरोना लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ गया है।
नई दिल्ली: कोरोनावायरस से निपटने के लिए देश में लागू किया गया लॉकडाउन 2 हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया गया है। अब 3 मई को खत्म होने वाला कोरोना लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ गया है। लेकिन लॉकडाउन के बीच म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए खुशखबरी है।

वॉलमार्ट की मालिकाना हक वाली डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ के साथ पार्टनरशिप में नए इन्वेस्टमेंट सॉल्युशन सुपर फंड को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही अब कोई भी फोनपे के जरिए इक्विटी, गोल्ड, डेट फंड्स में इन्वेस्ट कर सकेगा। इसमें कई म्यूचुअल फंड कंपनियों में निवेश किया जा सकता है। अपने जोखिम उठाने की क्षमता और इन्वेस्टमेंट साइकिल के आधार पर कोई भी इन्वेस्टर फोनपे के इन्वेस्ट कर सकेगा।
कोविड-19 महामारी के लिए भी एक विशेष इंश्योरेंस कवर उपलब्ध
डिजिटल पेमेंट पेटीएम को टक्कर देने के लिए फोनपे ने यह शुरुआत की है, जिसमें वित्तीय सेवाओं के मल्टीपल लेयर्स होंगा और इन्वेस्टर्स को एक ही जगह पर कई तरह के इन्वेस्टमेंट करने का मौका मिल सकेगा। वहीं कंपनी ने दावा किया है कि उसके पास 20 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, जिन्हें गोल्ड खरीदने, टैक्स सेविंग्स फंड्स, लिक्विड फंड्स, इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस जैसे निवेश विकल्प एक ही जगह मिल जाएंगे। इसमें कोविड-19 महामारी के लिए भी एक विशेष इंश्योरेंस कवर उपलब्ध है।
मात्र 500 रुपये से ही शुरू कर सकते हैं निवेश
- इस प्लेटफॉम पर हर तरह के इन्वेस्टर्स के लिए इक्विटी, डेट, और गोल्ड में निवेश करने का मौका मिल सकेगा।
- वहीं अगर कोई इन्वेस्टर अधिक जोखिम लेकर रिटर्न कमाना चाहता है तो उनके लिए अधिक प्रोपोर्शन के इक्विटी फंड्स मिल जाएंगे।
- जबकि कम जोखिम लेने वाले इन्वेस्टर्स के लिए डेट फंड में बेहतर मौके मिल सकेंगे। इस बात की जानकारी फोनपे ने दी है।
- इन फंड्स को आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड मैनेजर्स मॉनिटर करेंगे और मार्केट कंडीशन के आधार पर इन्वेस्टर्स को चार्ज देना होगा।
- इन्वेस्टर्स के लिए खास बात है कि वो मात्र 500 रुपये से ही इन्वेस्टमेंट की शुरुआत कर सकते हैं।
भारत में तेजी से म्यूचुअल फंड्स में ग्रोथ
बता दें कि दुनियाभर की तुलना में भारत में म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों की संख्या कम होगा। उदाहरण के तौर पर देखें तो अमेरिका में जीडीपी से अधिक एयूएम है। जबकि भारत में यह जीडीपी का 11 फीसदी है। वहीं वैश्विक औसत में यह 55 फीसदी है। हालांकि, बीते कुछ सालों में भारत में म्यूचुअल फंड्स में ग्रोथ देखने को मिल रहा है। मार्च 2014 से लेकर मार्च 2019 तक यह 24 फीसदी सीएजीआर है। फोनपे यूजर्स को अब बेहद ही आसानी से घर बैठे इन्वेस्टमेंट से कमाई करने का मौका मिल सकेगा। उन्हें बाजार में इन्वेस्ट करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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