NSC vs Mutual Fund: आज के समय में जब हर कोई अपने पैसे को बढ़ाना चाहता है, तब दो अहम विकल्प अक्सर सामने आते हैं, म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)। दोनों ही निवेशकों की जरूरत के हिसाब से काम आते हैं। फर्क इतना है कि म्यूचुअल फंड में जोखिम है लेकिन बड़ा रिटर्न भी संभव है, जबकि एनएससी में सुरक्षित और तय रिटर्न मिलता है।

म्यूचुअल फंड : जोखिम के साथ बेहतर मुनाफा
म्यूचुअल फंड को ऐसे समझिए जैसे कई लोग मिलकर एक "पूल" बनाते हैं और फिर उस पैसे को एक्सपर्ट्स शेयर या बॉन्ड जैसी जगहों पर लगाते हैं।
लंबे समय के लिए बढ़िया विकल्प।
छोटी रकम से भी शुरुआत की जा सकती है।
बाजार अच्छा रहा तो रकम कई गुना हो सकती है।
अगर कोई निवेशक 5,50,000 रुपए म्यूचुअल फंड में लगाता है, तो 5 साल में यह बढ़कर लगभग 17 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। यानी करीब 11 लाख रुपए का अतिरिक्त फायदा। लेकिन ध्यान रहे, यह गारंटी नहीं है, क्योंकि बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है।
एनएससी : भरोसेमंद और सुरक्षित कमाई
एनएससी पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित है और इसमें तय ब्याज दर मिलती है।
इसमें पैसे डूबने का डर बिल्कुल नहीं।
निवेशक को पहले से पता होता है कि 5 साल बाद कितनी रकम मिलेगी।
टैक्स बचत का फायदा भी मिलता है।
अगर कोई निवेशक 5,50,000 रुपए एनएससी में लगाता है, तो 5 साल बाद यह रकम करीब 7.96 लाख रुपए बन जाती है। यहां मुनाफा तय है, लेकिन बहुत बड़ा नहीं।
लोग म्यूचुअल फंड क्यों चुनते हैं?
प्रोफेशनल्स आपके पैसे का सही इस्तेमाल करते हैं।
अलग-अलग सेक्टर में निवेश करके रिस्क कम किया जा सकता है।
ज़रूरत पड़ने पर निवेशक पैसा निकाल सकता है।
लोग एनएससी क्यों पसंद करते हैं?
पूरी तरह सुरक्षित और सरकारी गारंटी।
तय ब्याज से निवेशक को तनाव नहीं होता।
टैक्स बेनिफिट्स का फायदा मिलता है।
कमियां भी जान लें
म्यूचुअल फंड: बाजार गिरा तो रिटर्न भी कम हो जाएगा। कम समय के लिए सही विकल्प नहीं।
एनएससी: बीच में पैसा निकालना मुश्किल। रिटर्न सीमित और धीरे-धीरे बढ़ने वाला।
किसे चुनना बेहतर?
अगर आप तेजी से पैसा बढ़ाना चाहते हैं और रिस्क उठा सकते हैं, तो म्यूचुअल फंड सही रहेगा।
अगर आप सुरक्षित, स्थिर और गारंटी वाले निवेश को तरजीह देते हैं, तो एनएससी आपके लिए बेहतर है।


Click it and Unblock the Notifications