National Pension Scheme: जानिए कैसे राष्ट्रीय पेंशन स्कीम के जरिए टैक्स बचा सकते हैं आप?

रिटायरमेंट फंड से लेकर वृद्धावस्था में वार्षिकी आय सुनिश्चित करने के लिए एनपीएस एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है। नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C तहत टैक्स छूट मिलती है।

इसमें सालाना 1.5 लाख और धारा 80CCD (1B) के तहत अतिरिक्त 50 हजार रुपये का भी निवेश कर सकते हैं। नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश कर आप आयकर (Income Tax) में कुल 2 लाख रुपये की कुल छूट का फायदा ले सकते हैं।

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क्या होता है नेशनल पेंशन स्कीम ?

अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह सिर्फ टैक्स छूट का फायदा देता है तो ऐसा नहीं क्योंकि इसके अलावा आप रिटायरमेंट के बाद भी बेहतर कमाई की तलाश में हैं तो आप अपने नाम से या फिर अपनी पत्नी के नाम से इसमें ओपन करवा सकते हैं। इस स्कीम में 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद एक मुश्तकैश और मासिक पेंशन सुविधा मिलती है।

एनपीएस खाते में कैसे निवेस कर सकते हैं?

आप अपनी सैलरी के हिसाब से अपने एनपीएस खाते में मंथली या फिर सालाना पैसे जमा कर सकते हैं। आप NPS में 1,000 रुपये महीने से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और इसे आप 65 साल की उम्र तक चला सकते हैं। NPS निवेश पर 40 फीसदी एन्युटी खरीदना जरूरी है जबकि 60 फीसदी रकम 60 साल के बाद एकमुश्त निकाल सकते हैं।

क्या टैक्स बचाने के लिए राष्ट्रीय पेंशन स्कीम में निवेश है जरूरी?

जो कर्मचारी एनपीएस में निवेश करते हैं वे कई सारे लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आपको बता दें कि आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के तहत, 1.50 लाख रुपये तक के एनपीएस में निवेश पर कर की छूट है। लेकिन यह एनपीएस का एकमात्र कर लाभ नहीं है। इसके साथ, 2 लाख रुपये का कुल एनपीएस योगदान कर मुक्त हो जाता है।

टियर-1 एनपीएस खाताधारकों को धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती मिल सकती है। यदि आपकी ग्रॉस सेलेरी( टैक्स, प्रोविडेंट फंड और आदि अन्‍य तरह के बोनस मिलाकर जो अमाउंट बनता है ) 10 लाख रुपये प्रति वर्ष है, तो एनपीएस निवेश आपके कर को शून्य करने में मदद कर सकता है लेकिन उसके लिए, केवल एनपीएस निवेश पर्याप्त नहीं है।
इसके लिए आपको अधिक कटौतियों का दावा करना होगा। चलिए अब आपको बताते हैं कि आप अपने कर को शून्य पर लाने के लिए क्या कर सकते हैं।

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान

धारा 80(डी) के तहत, आप कटौती का दावा भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 25,000 (यदि बीमाधारक वरिष्ठ व्यक्ति है तो 50,000 रुपये तक) कर सकते हैं। इसमें पति/पत्नी, बच्चों और माता-पिता के लिए कटौती की अनुमति भी है। अगर आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम दावा करते हैं तो कर योग्य आय 5,50,000 रुपये होगी।

एचआरए क्लेम कर सकते हैं

धारा 10 (13ए) के तहत अधिकतम मकान किराया भत्ता (एचआरए) की कैलकुलेशन की जाती है। मेट्रो शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत और गैर-मेट्रो शहरों में रहने वालों के लिए 40 प्रतिशत है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपकी सैलरी 10 लाख रुपये सालाना है तो आप आसानी से 1 लाख रुपये का एचआरए क्लेम कर सकते हैं। एनपीएस पर 2 लाख रुपये की कटौती और एचआरए पर 1 लाख रुपये के दावे के बाद, आपकी कर योग्य आय घटकर 7 लाख रुपये हो जाएगी। इस कटौती के साथ, आपकी टैक्सबेल इनकम 5,75,000 रुपये होगी।

जानिए आयकर अधिनियम की धारा 87ए?

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आपको आयकर अधिनियम की धारा 87ए के तहत अधिकतम 12,500 रुपये तक की छूट मिलती है। उस कटौती के साथ, आपकी टैक्सबेल इनकम 5,37,500 रुपये रह जाती है।

आपको बता दें कि धारा 16 (1ए) के तहत 50,000 रुपये की मानक कटौती भी मिलती है और उस कटौती के बाद आपकी टैक्सबेल इनकम 4,87,500 रुपये होगी।

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