1 अक्टूबर 2026 से 'NPS स्वास्थ्य' (NPS Swasthya) स्कीम शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें पेंशन अकाउंट के साथ एक स्टैंडर्ड सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को जोड़ा गया है। पेंशन फंड नियामक (PFRDA) ने 18 सितंबर 2026 को इसके लिए फाइनल ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी की थीं, जिनमें फीस, विड्रॉल, पोर्टेबिलिटी और रिकॉर्ड कीपर्स व हेल्थ पार्टनर्स के रोल तय किए गए हैं। PFRDA की वेबसाइट पर लॉन्च की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू करें।
इस पूरी योजना के मुख्य रूप से दो भाग हैं: पहला NPS स्वास्थ्य इन्वेस्टमेंट अकाउंट और दूसरा अनिवार्य सुपर टॉप-अप इंश्योरेंस पॉलिसी, जिसे मास्टर अरेंजमेंट के तहत पेंशन फंड द्वारा चुना जाता है। NPS में शामिल होने के लिए पात्र कोई भी व्यक्ति इसमें एनरोल कर सकता है। शुरुआती योगदान में पहले साल का प्रीमियम, ₹200 का सालाना HBA चार्ज और कम से कम ₹1,000 का कॉर्पस फंड शामिल होना चाहिए। इसके बाद आप केवल ₹10 से भी दोबारा टॉप-अप कर सकते हैं। इसमें निवेश का पैटर्न केंद्र सरकार की कंजर्वेटिव स्कीम के हिसाब से चलता है।

NPS स्वास्थ्य: पात्रता, लागत और मेडिकल विड्रॉल से जुड़े नियम
इलाज या मेडिकल जरूरतों के लिए सब्सक्राइबर अपने खुद के कुल योगदान का 25 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। इसके लिए कोई वेटिंग पीरियड नहीं है और न ही पैसे निकालने की संख्या पर कोई रोक है। क्लेम की राशि हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटर के जरिए सीधे अस्पताल या सेवा प्रदाता को ट्रांसफर कर दी जाती है। अगर अस्पताल में भर्ती होने पर कुल बिल विड्रॉल की तय सीमा से अधिक हो जाता है, तो खर्च चुकाने के लिए मैच्योरिटी से पहले बाहर निकलने (प्री-मैच्योर एग्जिट) का विकल्प चुना जा सकता है; वरना आम NPS एग्जिट नियम ही लागू रहेंगे। वहीं रिन्यूअल के समय पॉलिसीधारक सुरक्षा के साथ दूसरी इंश्योरेंस कंपनी में पोर्ट भी करा सकते हैं।
NPS स्वास्थ्य: टैक्स लाभ और ऑनलाइन जुड़ने का तरीका
इसमें किए गए निवेश पर धारा 80C की कुल सीमा के तहत धारा 80CCD(1) में टैक्स छूट का फायदा मिलता है। इसके अतिरिक्त, धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 तक की अलग से टैक्स डिडक्शन भी ली जा सकती है। eNPS या किसी अधिकृत 'पॉइंट ऑफ प्रेजेंस' (PoP) के जरिए e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आपका चुना हुआ CRA आपके लिए PRAN जारी करेगा, जबकि पेंशन फंड आपको बीमाकर्ता और हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटर से जोड़ेगा। सालाना प्रीमियम और नियमित निवेश के लिए आप स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन (ऑटो-डेबिट) सेट कर सकते हैं।
NPS स्वास्थ्य बनाम FD: 5, 10 और 15 वर्षों का रिटर्न
| विकल्प | 5-साल का सालाना रिटर्न | 10-साल का सालाना रिटर्न | 15-साल का सालाना रिटर्न |
|---|---|---|---|
| NPS स्वास्थ्य (केंद्र सरकार की योजना का पैटर्न) | 9.40% | 9.46% | 9.49% |
| बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (7% अनुमानित दर) | 7.00% | 7.00% | 7.00% |
NPS के आंकड़े केंद्र सरकार की योजना के लिए NPS ट्रस्ट के हालिया खुलासे पर आधारित हैं। इसमें 15 साल के रिटर्न का आंकड़ा NPS ट्रस्ट के रिकॉर्ड्स का हवाला देने वाले एक सरकारी प्रेजेंटेशन से लिया गया है। वहीं, FD के रिटर्न को स्थिर 7 फीसदी मानकर आंका गया है, इसलिए तुलना करने से पहले अपने बैंक की ताजा ब्याज दरों की जांच जरूर कर लें। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें ₹30 लाख तक के सुपर टॉप-अप कवर का विकल्प भी मिल सकता है, जिसकी पूरी जानकारी लॉन्च के समय सामने आएगी।
किन्हें इसमें सबसे पहले निवेश करना चाहिए? ऐसे परिवार जिनके पास बेसिक हेल्थ कवर तो है लेकिन कोई बड़ा सुपर टॉप-अप नहीं है; खुद का बिजनेस या काम करने वाले लोग जो मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग से फंड बनाना चाहते हैं; और ऐसे बचतकर्ता जो रिटायरमेंट प्लानिंग के साथ-साथ मेडिकल लिक्विडिटी चाहते हैं। हालांकि, अगर आप इक्विटी (शेयर बाजार) में ज्यादा निवेश करना चाहते हैं, तो पारंपरिक NPS आपके लिए ज्यादा मुफीद हो सकता है। साइन-अप करते समय बीमा कंपनी, डिडक्टिबल और क्लेम सेवाओं से जुड़ी शर्तों को अच्छे से पढ़कर ही एनरोल करें।


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