NPS Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सबसे ज्यादा फायदा प्राइवेट सेक्टर और आम लोगों को मिलने वाला है। नए नियमों का मकसद एनपीएस को आसान और निवेशकों के बेहतर बनाना है।

5 साल का लॉक-इन अब खत्म
अब तक गैर-सरकारी एनपीएस निवेशकों को कम से कम 5 साल तक निवेश बनाए रखना जरूरी था। लेकिन नए नियमों के तहत यह अनिवार्य लॉक-इन पूरी तरह हटा दिया गया है। यानी अब अगर कोई प्राइवेट निवेशक किसी वजह से बीच में एनपीएस से बाहर निकलना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी नौकरी या आय स्थिर नहीं रहती।
रिटायरमेंट पर ज्यादा पैसा मिलेगा
नए नियमों में निकासी को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले रिटायरमेंट के समय एनपीएस निवेशकों को अपनी कुल जमा राशि का कम से कम 40% हिस्सा पेंशन योजना (एन्युटी) में लगाना जरूरी होता था। अब गैर-सरकारी निवेशक अपनी कुल जमा राशि का 80% तक एकमुश्त निकाल सकेंगे। इससे रिटायरमेंट के समय हाथ में ज्यादा कैश मिलेगा, जिसे जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सिस्टमैटिक निकासी की सुविधा
PFRDA ने अब एनपीएस में सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान की सुविधा भी जोड़ दी है। इसके तहत निवेशक अपनी रकम को एक साथ निकालने के बजाय तय समय पर थोड़ा-थोड़ा निकाल सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर है जो रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्च के लिए प्लानिंग करना चाहते हैं।
उम्र सीमा बढ़ी, निवेश का समय लंबा
एक और अहम बदलाव यह है कि अब सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के निवेशक 85 साल की उम्र तक एनपीएस खाते में बने रह सकते हैं। पहले यह सीमा 75 साल थी। इससे जो लोग देर तक काम करते हैं या निवेश जारी रखना चाहते हैं, उन्हें फायदा मिलेगा।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
इन बदलावों से खासतौर पर प्राइवेट नौकरी करने वाले, फ्रीलांसर, स्वरोजगार से जुड़े लोग और छोटे कारोबारी फायदे में रहेंगे। देश में करीब 1.75 करोड़ गैर-सरकारी एनपीएस निवेशक हैं, जिनके लिए यह नियम बदलाव काफी अहम माने जा रहे हैं।
क्यों जरूरी थे ये बदलाव
PFRDA का मानना है कि निवेशकों को ज्यादा आजादी और नियंत्रण देने से एनपीएस की लोकप्रियता बढ़ेगी। आसान निकासी, ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और लंबे निवेश समय से लोग रिटायरमेंट की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। एनपीएस के नए नियम आम निवेशकों के लिए बड़ा कदम माने जा रहे हैं, जो पेंशन प्लानिंग को पहले से ज्यादा आसान और बेहतर बनाते हैं।
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