New Labour Rules: 1 साल के सर्विस के बाद किन कर्मचारियों को Gratuity मिलेगी; किनको नहीं? EXPLAINER

New Labour Rules: केंद्र की मोदी सरकार ने देश के असंगठित और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कामगारों के लिए पिछले एक दशक में कई बड़े कदम उठाए हैं। अब एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को इंटीग्रेट कर चार नई श्रम संहिंता यानी लेबर कोड (Labour Codes) के रूप में संकलित किया है।

Gratuity New Labour Law

इन चार नईं श्रम सहिंता में दर्ज कानूनों में कर्मचारियों के लिए जो सबसे बड़ी राहत बताई जा रही है वह है ग्रेच्युटी से जुड़े नियम में संशोधन। तमाम खबरों में बताया जा रहा है कि नए नियम के तहत अब ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की सर्विस नहीं, बल्कि सिर्फ 1 साल के सर्विस के बाद भी कर्मचारी ग्रेच्युटी का दावा कर सकते हैं।

हालांकि, इसको लेकर भी कुछ लोगों के मन में कई तरह के संशय हैं। ऐसे में सवाल है कि किन कर्मचारियों के लिए यह नया नियम लाभदायक है और नया नियम लागू होने के बाद अब किन कर्मचारियों को 1 साल के नौकरी के बाद ग्रेच्युटी मिलेगा और किन्हे नहीं मिलेगा। तो चलिए डिटेल में समझते हैं....

कौन-कौनसी हैं 4 नई श्रम संहिता?

  • वेतन संहिता (Code on Wages, 2019): वेतन से संबंधित नियम।
  • औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code, 2020): ट्रेड यूनियन और विवाद निपटान।
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security, 2020): पेंशन, बीमा और ग्रेच्युटी।
  • व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता (OSH Code, 2020): कार्यस्थल सुरक्षा।

नए लेबर कोड की विशेषताएं (Features Of New Labour Code)

भारत सरकार ने 21 नवंबर 2025 से चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को पूरे देश में लागू कर दिया है। ये संहिताएं पुराने 29 जटिल श्रम कानूनों को समाहित करती हैं, जिससे श्रमिकों के अधिकार मजबूत होते हैं और उद्योगों के लिए नियम सरल हो जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देना और 40-50 करोड़ श्रमिकों (संगठित, असंगठित, गिग वर्कर्स सहित) को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है।

विशेषताविवरणलाभार्थी
न्यूनतम वेतन की गारंटीकेंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन सभी श्रमिकों को समय पर (हर महीने की 7 तारीख तक) मिलेगा। बोनस और ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान अनिवार्य।सभी श्रमिक, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र।
नियुक्ति पत्र अनिवार्यनौकरी शुरू करने पर लिखित नियुक्ति पत्र देना जरूरी, जिसमें शर्तें स्पष्ट होंगी।युवा और नए कर्मचारी।
ग्रेच्युटी का विस्तारफिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को 1 साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी (पहले 5 साल जरूरी थे)।कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड-टर्म वर्कर्स।
महिलाओं के अधिकारसमान वेतन, रात की शिफ्ट (सुरक्षा सुनिश्चित करने पर), सभी प्रकार के कार्य (जैसे खनन, भारी मशीनरी) की अनुमति। मातृत्व अवकाश बढ़ाया गया।महिला श्रमिक।
सामाजिक सुरक्षा का विस्तारईएसआईसी कवरेज पूरे देश में, गिग/प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार कानूनी मान्यता। 40+ उम्र वालों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच।गिग वर्कर्स, प्रवासी मजदूर, असंगठित क्षेत्र।
कार्यस्थल सुरक्षासुरक्षित वातावरण, स्वास्थ्य जांच, इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर सिस्टम (मार्गदर्शन पर जोर, दंड कम)।सभी कर्मचारी, विशेष रूप से IT और MSME।
ट्रेड यूनियन और विवाद निपटानट्रेड यूनियन पंजीकरण सरल, दो-सदस्यीय ट्रिब्यूनल से सीधा समाधान। 50+ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स वाली जगहों पर कड़े नियम।यूनियन सदस्य और विवादग्रस्त कर्मचारी।

नए श्रम कानून के तहत ग्रेच्युटी की पात्रता

भारत सरकार ने 21 नवंबर 2025 से चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को लागू किया है, जिसमें सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 (Code on Social Security, 2020) के तहत ग्रेच्युटी (Gratuity) संबंधी नियमों में बदलाव किया गया है। पहले पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के अनुसार, सामान्यतः 5 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद ग्रेच्युटी मिलती थी, लेकिन कुछ अपवादों (जैसे मृत्यु या विकलांगता) में कम अवधि में भी। नए कानून में यह बदलाव मुख्य रूप से फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयी (FTE - निश्चित अवधि के कर्मचारी) के लिए किया गया है।

1 वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी किन कर्मचारियों को मिलेगी?

फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयी (FTE): ये वे कर्मचारी हैं जिनकी नियुक्ति एक निश्चित अवधि (जैसे 1-3 वर्ष) के लिए की जाती है। नए कानून के तहत, अब 1 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद ग्रेच्युटी के लिए पात्रता होंगे जबकि पहले के 5 वर्ष की सेवा के बाद मिलता था। ये स्थायी कर्मचारियों के समान सभी लाभ (ग्रेच्युटी, अवकाश, चिकित्सा, सोशल सिक्योरिटी आदि) पाने के हकदार होंगे।

1 वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगी?

स्थायी (परमानेंट) कर्मचारी: इनके लिए पात्रता अभी भी 5 वर्ष की निरंतर सेवा पर निर्भर है। 1 वर्ष के बाद ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी, सिवाय अपवादों (जैसे मृत्यु, विकलांगता या सुपरएनुएशन यानी सेवानिवृत्ति) के।

अन्य श्रेणी के कर्मचारी (जैसे कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, गिग वर्कर): इनके लिए ग्रेच्युटी के नए नियम स्पष्ट रूप से 1 वर्ष पर लागू नहीं होते। कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को कुछ अतिरिक्त लाभ मिलेंगे, लेकिन ग्रेच्युटी की अवधि 5 वर्ष ही रहेगी।

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