GST 2.0: त्योहारों से पहले सरकार ने जीएसटी ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। 3 सितंबर बुधवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी जीएसटी सिस्टम को आसान बनाया गया है। पहले जहां 4 अलग-अलग टैक्स स्लैब थे, अब उन्हें घटाकर सिर्फ दो मुख्य स्लैब 5% और 18% कर दिया गया है।

वहीं, इस अपडेट का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ने वाला है। पहले के मुकाबले अब बिजनेस क्लास, प्रीमियम इकोनॉमी, और फर्स्ट क्लास के टिकट की कीमत में इजाफा हो सकता है क्योंकी इन पर लगने वाली जीएसटी दर 12% से बढ़ाकर 18% कर दी गई है। हालांकि, इकोनॉमी क्लास के टिकट प्राइस पर कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे पहले की तरह 5% जीएसटी लगेगी। आज 22 सितंबर 2025 नई जीएसटी दरें हो गई हैं।
कैंसिलेशन और रिफंड का नया नियम
सरकार ने टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियम भी साफ कर दिए हैं। अगर किसी ने पुरानी दर यानी 12% जीएसटी पर टिकट खरीदा और बाद में कैंसिल कर दिया, तो एयरलाइन उतना ही जीएसटी रिफंड करेगी। नई दरों का असर रिफंड पर नहीं पड़ेगा। ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी से टिकट बुक करने वालों को यह समझना होगा कि होटल का जीएसटी और एजेंसी की सर्विस फीस पर लगने वाला जीएसटी अलग-अलग होगा। पैकेज टूर कंपनियां भी अब नए स्लैब के हिसाब से बिल बनाएंगी।
ट्रेन के सफर पर कोई बोझ नहीं
रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने साफ कर दिया है कि रेलवे के एसी टिकटों पर जीएसटी में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी चाहे आप 1AC, 2AC, 3AC, एसी चेयर कार या एग्जीक्यूटिव चेयर कार में सफर करें, टिकट पर 5% जीएसटी ही लागू रहेगा। इसका मतलब है कि हवाई यात्रियों की तुलना में रेल यात्री महंगाई से बचे रहेंगे।
जरूरी सामानों पर मिली राहत
सरकार ने इस सुधार में आम लोगों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा है। कई रोजमर्रा की चीजों को टैक्स-फ्री कर दिया गया है।
0% जीएसटी वाले सामान: दूध, पनीर, ब्रेड, रेडी-टू-ईट रोटी-पराठा, बच्चों की किताबें, कॉपियां, पेंसिल, रबर, नक्शे और ग्लोब अब पूरी तरह टैक्स फ्री हैं।
दवाएं और बीमा: 33 जीवन रक्षक दवाएं, जिनमें 3 कैंसर की दवाएं शामिल हैं, अब जीएसटी से फ्री होंगी। साथ ही हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी टैक्स हटा दिया गया है।
आम जनता पर असर
नए ढांचे से जहां महंगी हवाई यात्रा करने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, वहीं रोजमर्रा की जरूरत की चीजें और स्वास्थ्य सेवाएं अब सस्ती होंगी। सरकार का कहना है कि जीएसटी 2.0 का मकसद टैक्स ढांचे को आसान और ट्रांसपेरेंसी बनाना है, जिससे आम उपभोक्ताओं को फायदा हो सके।
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