नई दिल्ली, सितंबर 16। पिछले करीब डेढ़ साल में स्मॉल कैप कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को दमदार रिटर्न दिया है और निवेशकों का पैसा कई गुना तक कर दिया है। इन्हीं में से एक कंपनी है नेल्को। नेल्को 116 अरब डॉलर वैल्यू वाले टाटा ग्रुप का हिस्सा है। ये कंपनी बहुत छोटे एपर्चर टर्मिनल कनेक्टिविटी सॉल्यूशन प्रदान करती है। नेल्को के शेयर ने मई से अब तक निवेशकों को भारी रिटर्न दिया है। ये शेयर मल्टीबैगर रिटर्न जनरेट करने वाले शेयरों में शामिल है।
कितना दिया रिटर्न
बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन करते हुए मई से अब तक इस स्टॉक में 168 फीसदी की तेजी आई है। इस दौरान बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में केवल 29 फीसदी की तेजी आई है। इस शेयर में आई मौजूदा तेजी लगभग एक साल के कंसोलिडेशन (एक दायरे में रहना) के बाद आई है। बीएसई पर 15 सितंबर को शेयर 538.75 रुपये पर बंद हुआ था। जबकि आज दोपहर में यह 0.72 फीसदी की तेजी के साथ 542.65 रु पर है।
इसलिए तेजी से चढ़ा शेयर
9 जून को कंपनी ने कहा कि इसे दूरसंचार विभाग से इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर लाइसेंस और टाटानेट सर्विसेज से वीसैट लाइसेंस के ट्रांसफर के लिए मंजूरी मिल गई है। कंपनी के विभिन्न बिजनेस और इसकी दो सब्सिडरी कंपनियों, टाटानेट सर्विसेज और नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट्स, का इंटरनल स्ट्रक्चरिंग 9 जून से प्रभावी हो गया। नेल्को के पास इस समय एक वीसैट लाइसेंस, आईएसपी लाइसेंस और दूरसंचार विभाग द्वारा जारी इनफ्लाइट और मैरिटाइम कम्युनिकेशंस लाइसेंस है।
टाटानेट को भी मिला इनफ्लाइट लाइसेंस
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में जीईपीएल कैपिटल में वीपी इक्विटी पुष्करराज कानिटकर के हवाले से कहा गया है कि टाटानेट सर्विसेज ने हाल ही में एक इनफ्लाइट और मैरिटाइम कनेक्टिविटी लाइसेंस हासिल किया है, जो एक ऐसा कदम है जो एयरलाइंस और शिपिंग कंपनियों के लिए बिजनेस प्रोडक्टिविटी में सुधार कर सकता है। नेल्को ने कनाडा में एक वैश्विक उपग्रह कंपनी टेलीसैट के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) सैटेलाइट को लॉन्च कर रही है।
81 साल पुरानी कंपनी है नेल्को
1940 में शुरू हुई नेल्को प्राइवेट और सरकारी कंपनियों को वीसैट कनेक्टिविटी, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्रोजेक्ट्स और इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी और सर्विलांस सॉल्यूशंस ऑफर करती है। इसकी सेवा से तेल और गैस कंपनियों, एटीएम और इंटर-ब्रांच कनेक्टिविटी के लिए बैंकों और पावर ग्रिड से जुड़ने के लिए अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को फायदा होता है।
कैसे रहे तिमाही आंकड़े
नेल्को ने जून में समाप्त तिमाही में 4.38 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1.84 करोड़ रुपये से दोगुना से अधिक रहा, लेकिन मार्च 2021 तिमाही में 4.48 करोड़ रुपये से कम रहा। इसकी इनकम जून तिमाही में बढ़कर 55.1 करोड़ रुपये हो गयी, जो एक साल पहले 48.52 करोड़ रुपये थी। हालांकि, पिछली तिमाही में इनकम 64.83 करोड़ रुपये के मुकाबले घटी। जानकारों का मानना है कि निकट अवधि में ये शेयर 630 रुपये तक चढ़ सकता है, लेकिन मई के बाद से स्टॉक में तेजी के कारण मौजूदा स्तर पर इसमें एंट्री न करने की सलाह दी गई है।


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