नई दिल्ली, सितंबर 12। एनसीडी या नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) कंपनी द्वारा लोगों से पैसे जुटाने के लिए जारी किया गया एक लोन इंस्ट्रूमेंट है। जिन लोगों को एनसीडी जारी किए जाते हैं, उन्हें बदले में कुछ रिटर्न (कूपन दर) ब्याज के रूप में दिया जाता है। यह ब्याज दर आम तौर पर बैंक एफडी से अधिक या बल्कि उसकी डेढ़ गुना या इससे भी अधिक होती है। यानी कुल मिला कर एनसीडी निवेश का एक बढ़िया ऑप्शन है। इस समय एक कंपनी अपने एनसीडी पर 9.75 फीसदी ब्याज दे रही है। आप यहां से बैंक एफडडी से डेढ़ गुना ब्याज कमा सकते हैं।
कौन सी कंपनी दे रही निवेश का मौका
इस समय इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस एनसीडी में निवेश का मौका दे रही है। बता दें कि एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) के आधार पर यह देश की प्रमुख हाउसिंग फाइनेंसरों में से एक है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस नेशनल हाउसिंग बैंक के दायरे में काम करती है। कंपनी का प्राइमरी फोकस लंबी अवधि के सिक्योर्ड मोर्गेज (गिरवी) लोन पर है, जिसमें सिक्योरिटी लोन शामिल हैं। हाउसिंग सेगमेंट में, कंपनी डेवलपर्स को होम लोन और मॉर्गेज लोन भी देती है।
कितने पैसे जुटाएगी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस का लक्ष्य 200 करोड़ रुपये तक के एनसीडी जारी करने की है। मगर यदि आवेदन ज्यादा मिले तो कंपनी और 800 करोड़ रु के एनसीडी जारी कर सकती है। यानी यह कुल 1000 रु तक जुटा सकती है। लिस्टिंग के लिए इन एनसीडी को दो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट किया जाएगा, जिनमें बीएसई और एनएसई शामिल हैं। इन एनसीडी को क्रिसिल ने एए / स्टेबल क्रेडिट रेटिंग दी है।
क्यों चाहिए कंपनी को पैसे
हर कंपनी एनसीडी किसी न किसी मकसद के लिए पैसे जुटाने की खातिर जारी करती है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस एनसीडी के जरिए होने आय के माध्यम से लोन बिजनेस, फाइनेंस और ब्याज की चुकौती और वर्तमान उधार के मूलधन को चुकाने में खर्च करेगी। साथ ही कुछ पैसा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कितना मिलेगा ब्याज
इन एनसीडी में 87 महीने या 7 साल से अधिक की लॉक इन अवधि होती है। एनसीडी के लिए अधिकतम ब्याज दर 9.75% है। इन एनसीडी को केवल पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित किया जाएगा। आप यहां कम से कम 10,000 रु (10 एनसीडी) और फिर 1000 रुपये (1 एनसीडी) के गुणकों में निवेश कर सकते हैं।
संभल कर करें निवेश
यह सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दोनों कम्पोनेंट के साथ एक यूनीक एनसीडी इश्यू है। इसलिए कंपनी के सामने फाइनेंशियल दिक्कत आने पर निवेशकों के लिए अनसिक्योर्ड कम्पोनेंट जोखिम पैदा करेगा। अब यदि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता है तो ही आप यहां पैसा लगाएं और वो भी केवल सिक्योर्ड डिबेंचर के लिए। कहा जा रहा है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति में गिरावट का ट्रेंड है, इसलिए ये ब्याज भुगतान देने में चूक सकती है। इसके अलावा कोविड का इश्यू भी है, जिसने सभी कार्यक्षेत्रों में बिजनेस को बाधित किया है। ये कंपनी के लिए एक अलग समस्या हो सकती है। निवेश से पहले इन सभी फैक्टर्स पर ध्यान दें।


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