नयी दिल्ली। कोरोना संकट के बीच हमारी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए सुरक्षा। सुरक्षित रहने के साथ ही फाइनेंशियल प्लानिंग को फिर से शुरू करने की भी जरूरत है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए निवेश करके टैक्स बेनेफिट क्लेम करने के लिए सरकार ने डेडलाइन को 31 जुलाई 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसलिए आपको पिछले वित्त वर्ष के लिए टैक्स कटौती का फायदा उठाने के लिए फौरन निवेश करने की आवश्यकता है। निवेश के जरिए टैक्स बचाने वाले सबसे अच्छे विकल्पों से एक है नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस), जिसमें निवेश करके करदाता अच्छी खासी राशि की बचत कर सकते हैं। एनपीएस की शुरुआत सरकार ने नए भर्ती हुए कर्मियों के लिए 1 जनवरी 2004 को की थी। बाद में लगभग सभी राज्य सरकारों ने इसे अपने कर्मचारियों के लिए शुरू किया। यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे इस योजना पर इनकम टैक्स के साथ-साथ जीएसटी पर भी बेनेफिट मिलता है। एनपीएस में भारत का कोई भी नागरिक निवेश कर सकता है। बल्कि कॉर्पोरेट्स / एम्प्लोयर्स ने एनपीएस को अपने कर्मचारियों के लिए भी रिटायरमेंट बेनेफिट स्कीम के रूप में अपनाया है।
1.5 लाख रु तक के योगदान पर छूट
एनपीएस उन योजनाओं में शामिल है, जिनमें सालाना 1.5 लाख रुपये तक के योगदान पर टैक्स छूट बेनेफिट मिलता है। बता दें कि एनपीएस के अलावा जिन ऑप्शंस में निवेश करने सालाना 1.5 लाख रु तक की टैक्स छूट मिलती है उनमें जीवन बीमा प्रीमियम, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और इक्विटी लिंक्ड बचत योजना (ईएलएसएस) शामिल हैं।
50000 रु की अतिरिक्त छूट
1.5 लाख रु के ऊपर भी एनपीएस में 50000 रु की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है। आपको इनकम टैक्स कानून की धारा यू / एस 80 सीसीडी 1 (बी) के तहत एनपीएस में योगदान के लिए 50000 रु अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है। इस तरह एनपीएस में आपको 2 लाख रु तक के सालाना निवेश पर टैक्स छूट मिलती है।
एनपीएस के माध्यम से वार्षिकी (Annuity) खरीद के लिए कोई जीएसटी नहीं
यदि आप एनपीएस के जरिए कोई वार्षिक प्लान, प्रोडक्ट या स्कीम खरीदें तो आपको जीएसटी का भुगतान नहीं करना होगा। दूसरे तरीकों से कोई वार्षिकी स्कीम खरीदने पर आपको जीएसटी (मौजूदा रेट 1.8 फीसदी) भी चुकाना होगा।
ईईई स्कीम है एनपीएस
एनपीएस एक ईईई स्कीम। यहां ईईई का मतलब है छूट-छूट-छूट। इसका मतलब है कि आपको निवेश के समय, जमा हो रही राशि और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूंजी सब पर टैक्स छूट मिलती है।
आंशिक रूप से निकाली गई राशि पर कोई टैक्स नहीं
इमरजेंसी जरूरत के लिए एनपीएस से निकाली गई राशि (आंशिक निकासी) कर-मुक्त है। इसके अलावा एनपीएस में टियर-2 खाते के रूप में एक निवेश ऑप्शन भी मिलता है, जिसमें किसी भी समय निवेश राशि निकाली जा सकती है। आप इस पेंशन फंड (फंड मैनेजर) की सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं और पैसा भी जमा कर सकते हैं, इसके लिए आपसे अलग से वार्षिक रखरखाव चार्ज (एएमसी) नहीं लिया जाएगा। आप अपना फंड ऑनलाइन ही टियर-2 से टियर-1 खाते में स्विच कर सकते हैं। एनपीएस दुनिया के सबसे कम लागत वाले पेंशन उत्पादों में से एक है।
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