इस हफ्ते कई एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) ने अपने टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) में बदलाव किया है। ये नई दरें शुक्रवार, 11 सितंबर से लागू हो रही हैं और वीकेंड तक जारी रहेंगी। डीएसपी (DSP) ने 8 और 9 सितंबर की तारीख से कई बेस एक्सपेंस रेशियो में संशोधन जारी किए हैं। वहीं, बड़ौदा बीएनपी (Baroda BNP) ने 11 सितंबर से अपनी लिक्विड स्कीम के बेस एक्सपेंस रेशियो में कटौती का ऐलान किया है। ऐसे में अगर आप SIP निवेशक हैं, तो आपको तुरंत चेक करना चाहिए कि क्या आपकी स्कीम का खर्च बढ़ा या घटा है, ताकि आप अपने रिटर्न का सही अनुमान लगा सकें।
यह आपके लिए क्यों मायने रखता है? दरअसल, TER में हुआ छोटा सा बदलाव भी लंबे समय में कम्पाउंड होकर आपके SIP रिटर्न पर बड़ा असर डालता है। सेबी (SEBI) के 20 मार्च 2026 वाले फ्रेमवर्क के मुताबिक, फंड हाउसों को बेस TER में बदलाव करने से 3 कामकाजी दिन पहले सूचना देना अनिवार्य है। साथ ही रोज का TER भी पब्लिश करना होता है। कोई भी फैसला लेने से पहले निवेशक संबंधित AMC के TER पेज या AMFI के डेली TER डैशबोर्ड पर जाकर सही जानकारी जरूर चेक कर लें।

11 सितंबर से TER में क्या बदलेगा: जानें हर छोटी-बड़ी बात
बड़ौदा बीएनपी के नोटिस के मुताबिक, 11 सितंबर से इसके लिक्विड फंड का बेस एक्सपेंस रेशियो डायरेक्ट प्लान में 0.12% से घटकर 0.08% और रेगुलर प्लान में 0.18% से घटकर 0.14% हो जाएगा। वहीं, डीएसपी ने 8-9 सितंबर को अपनी इक्विटी, हाइब्रिड और डेट स्कीम्स के लिए बदलाव फाइल किए हैं, जिनमें 1 से 4 बेसिस पॉइंट (bps) तक की कटौती या बढ़ोतरी की गई है।
SIP रिटर्न पर TER का असर: रेगुलर बनाम डायरेक्ट प्लान
एक्सपेंस रेशियो में कुछ बेसिस पॉइंट का बदलाव भले ही एक साल में मामूली लगे, लेकिन 10-20 साल की अवधि में यह बड़ा अंतर पैदा करता है। मान लीजिए आपकी ₹5,000 की मंथली SIP है और एक्सपेंस से पहले 12% का रिटर्न मिल रहा है। ऐसे में अगर TER 20 bps बढ़ता है, तो पहले ही साल आपके फंड की वैल्यू लगभग ₹60 कम हो जाएगी। वहीं, 50 bps की बढ़ोतरी से करीब ₹150 का नुकसान होगा। हाल ही में डीएसपी की एक हाइब्रिड स्कीम की फाइलिंग में रेगुलर और डायरेक्ट प्लान के बीच करीब 70 bps का अंतर देखा गया है।
| TER में बदलाव | 1 साल में ₹5,000 की SIP पर अनुमानित असर |
|---|---|
| +0.20% (20 bps) | ~₹60 |
| +0.50% (50 bps) | ~₹150 |
निवेशकों को क्या करना चाहिए: बिना नुकसान के सही कदम उठाएं
महज थोड़े से TER में बढ़ोतरी देखकर तुरंत अपनी SIP बंद या शिफ्ट न करें। कोई भी बदलाव करने से पहले एग्जिट लोड जरूर चेक करें और टैक्स नियमों को समझें। इक्विटी फंड्स को 12 महीने के भीतर बेचने पर 20% शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेंस (STCG) टैक्स लगता है। वहीं, एक साल बाद ₹1.25 लाख से ज्यादा के मुनाफे पर 12.5% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स देना होता है। 2023 के नियमों के बाद अब डेट फंड्स पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।
जानकारी कहां और कैसे वेरिफाई करें?
अपनी SIP में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर पुष्टि करें। आप AMFI के डेली TER डैशबोर्ड या संबंधित AMC के TER/नोटिस सेक्शन पर इसे चेक कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर डीएसपी के TER चेंज पेज या बड़ौदा बीएनपी के TER सेक्शन को देखा जा सकता है। इन नोटिफिकेशन्स को रिकॉर्ड के लिए संभाल कर रखें और सिर्फ हेडलाइंस देखकर फैसले लेने के बजाय अपने लॉन्ग-टर्म गोल को ध्यान में रखकर रणनीति बनाएं।
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