How to pay missed sip: अगर आपने सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश करना शुरू किया है तो इसके लिए अनुशासन आपको वर्षों तक कायम रखना जरूरी है। इसके के लिए आपको ऑटो डेबिट या खुद से भुगतान करने के ऑप्शन भी मिलते हैं।

ऐसे में आपके एसआईपी से लिंक्ड बैंक अकाउंट में कभी पैसे ना रहें या आप कभी किस्त भरने से चूक गए तो आपको कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। चलिए जानते हैं कि वह कौन-कौन सी मुश्किलें हैं जो एसआईपी न चुकाने पर आपके सामने आ सकती हैं।
जानिए अगर लगातार तीन किस्तों को नहीं भरते हैं आप
अगर आप एसआईपी की एक या दो किस्त भरने से चूक जाते हैं तो इससे आपके फंड पर कोई असर नहीं पड़ता है लेकिन अगर आप लगातार तीन किस्तें नहीं भरते हैं तो फंड हाउस आपके एसआईपी प्लान को कैंसल कर सकता है।
ईसीएस के नियमों के अनुसार फंड हाउस को कम-से-कम तीन महिने की डेबिट रिक्वेस्ट भेजनी जरूरी है।
जुर्माना भी भरना पड़ता है
अगर आपने किसी बैंक के एसआईपी प्लान में निवेश किया है तो कई बैंक पेनल्टी लगाने से कभी नहीं चूकते हैं और पेनल्टी की राशि सभी बैंकों में अलग- अलग होती है।
वहीं, एसआईपी की किस्त का समय पर भुगतान नहीं करने पर कई फंड हाउस कस्टमर्स पर कोई जुर्माना नहीं लगाते हैं।
अगर आपके बैंक में पैसे नहीं है तो क्या होगा?
यदि आपको लगता है कि आने वाले कुछ समय के लिए आपके पास कैश कम हो सकता है, तो आप अपनी सिप को रुकवा सकते हैं और इससे आप पर कोई दंड नहीं लगेगा। इसके लिए आप लिखित या ऑनलाइन रिक्वेस्ट भी डाल सकते हैं।
ऑनलाइन रिक्वेस्ट पूरी होने में करीब 10 दिन का समय लगता है, वहीं लिखित रिक्वेस्ट की पूरी प्रक्रिया करीब 30 दिन तक का समय लग जाता है। जब आप आर्थिक रूप से स्थिर हो जाएं, तो आप अपनी एसआईपी को फिर से जारी रख सकते हैं।
कई एसआईपी की किस्त नहीं भरने पर क्या होगा?
ज्यादा एसआईपी चूक जाने का मतलब है कि आप लागत की औसत में पिछड़ जाएंगे और आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। यह एसआईपी मूल उद्देश्य को ही खारिज कर देता है।
आपको बता दें कि एसआईपी आपको कमजोर बाजार में ज्यादा युनिट खरीदने का मौका देता है, लेकिन अगर आप बार-बार एसआईपी चूकेंगे या फिर उसे होल्ड पर रखेंगे, तो जाहिर है कि आप अपने लक्ष्य से काफी पीछे रह जाएंगे। इससे आपको भारी नुकसान भी झेलना पड़ेगा।
अपने म्यूचुअल फंड एसआईपी को मिस होने से कैसे बचाएं?
अगर आपको लगता है कि भविष्य में म्यूचुअल फंड एसआईपी का भुगतान आप नहीं कर पाएंगे तो इसे रोक देना बेहतर है। एसआईपी को रोकने का मतलब यह नहीं है कि इसकी निकासी और एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड योजना में अब तक किया गया निवेश निवेशित रहेगा और रिटर्न अर्जित करता रहेगा।
इसके अलावा, एसआईपी को एक अवधि के लिए रोकने का विकल्प भी है और बाद में उसी एसआईपी को एएमसी या बैंक द्वारा बिना किसी शुल्क के जारी रखा जा सकता है।
एसआईपी रोकने/रोकने का अनुरोध करने के लिए, आपको अपने वितरक या एएमसी से ऑनलाइन या ऑफलाइन संपर्क करना होगा और कम से कम 30 दिन पहले आपको एसआईपी स्टॉप अनुरोध - देना होगा।
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