अगर आप म्यूचुअल फंड के नए ऑफर (NFO) में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। 22 सितंबर 2026 यानी आज चार प्रमुख म्यूचुअल फंड NFO बंद हो रहे हैं। इनमें Axis Nifty500 Low Volatility 50 Index Fund, Mirae Asset BSE Information Technology Index Fund, Kotak Multi Sector Omni FoF और Tata CRISIL‑IBX Financial Services 3–6 Months Debt Index Fund शामिल हैं। AMC और डिस्ट्रीब्यूटर प्लेटफॉर्म्स ने इनकी क्लोजिंग डेट कंफर्म कर दी है। अलग-अलग ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स पर कट-ऑफ का समय अलग हो सकता है—कुछ जगह दोपहर 1:30 बजे ही आवेदन बंद हो जाएंगे। इसलिए आज ही समय रहते अपना UPI मैंडेट अप्रूव कर लें।
सही फंड का चुनाव आसानी से करने के लिए मुख्य बातें जान लीजिए: Axis Low Vol 50 एक इक्विटी इंडेक्स फंड है, जिसका रिस्कोमीटर 'वेरी हाई' (अत्यधिक जोखिम) कैटेगरी में है। इसमें 15 दिनों के भीतर रिडीम करने पर 0.25% एग्जिट लोड लगेगा और न्यूनतम निवेश आमतौर पर ₹100 है। Mirae BSE IT एक सेक्टरल इक्विटी इंडेक्स फंड है, जिसका जोखिम AMC पेज के अनुसार 'वेरी हाई' है और न्यूनतम निवेश ₹5,000 है। Kotak Multi Sector Omni FoF भी 'वेरी हाई' रिस्क वाला फंड है; इसमें 30 दिनों के भीतर निकलने पर 0.5% एग्जिट लोड देना होगा और कम से कम ₹1,000 का निवेश जरूरी है। वहीं, Tata 3–6M डेट फंड 'लो टू मॉडरेट' जोखिम वाला है, जिस पर 30 दिनों के लिए 0.25% एग्जिट लोड और न्यूनतम निवेश ₹5,000 तय है।

फंड की उपयोगिता की तुलना: Axis Low Vol 50 बनाम Mirae BSE IT बनाम Kotak Omni FoF बनाम Tata 3–6M Debt
अगर आप लंबी अवधि के लिए बाजार के बड़े उतार-चढ़ाव से बचते हुए इक्विटी में निवेश चाहते हैं, तो Axis फंड आपके लिए मुफीद है। IT सेक्टर पर केंद्रित निवेश की रणनीति हो तभी Mirae की ओर रुख करें। Kotak Omni FoF आपको एक साथ कई सेक्टर्स का फायदा देता है, लेकिन इसमें दोहरी लागत लगेगी; FoF इक्विटी में कुल खर्च अनुपात (TER) 2.25% तक जा सकता है। Tata का फंड 3 से 6 महीने के लिए पैसे पार्क करने का अच्छा जरिया है, जिसमें ब्याज दर जोखिम 'लो टू मॉडरेट' है। समान कैटेगरी के फंड्स का YTM करीब 7.6% चल रहा है, जबकि 6 महीने की FD में 6.5% से 7.5% तक ब्याज मिल रहा है।
Tata 3–6M Debt बनाम 6 महीने की FD
| विकल्प | अनुमानित दर (वार्षिक) | नोट्स |
|---|---|---|
| 3–6M फाइनेंशियल सर्विसेज डेट इंडेक्स YTM | ~7.6% | समान कैटेगरी फंड्स का YTM; बाजार की स्थितियों के साथ बदलाव संभव। |
| प्राइवेट बैंकों की 6 महीने की FD | 6.5%–7.5% | उपलब्ध बेहतरीन दरें; वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज दर का फायदा। |
लागत और टैक्स से जुड़ा गणित समझना भी बेहद जरूरी है। SEBI की गाइडलाइंस के मुताबिक इंडेक्स फंड्स और ETFs के लिए सालाना बेस एक्सपेंस लिमिट करीब 0.9% है। वहीं इक्विटी स्कीम्स में निवेश करने वाले FoFs में अंडरलाइंग चार्ज मिलाकर कुल खर्च 2.25% तक हो सकता है। टैक्स की बात करें तो इक्विटी फंड्स पर 12 महीने बाद होने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है। वहीं 1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदे गए डेट फंड्स से मिली कमाई पर निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लागू होता है।
आज आवेदन करने से जुड़ी काम की सलाह: अलग-अलग ऐप्स के कट-ऑफ टाइम अलग हो सकते हैं, इसलिए ऑर्डर प्लेस कर तुरंत UPI मैंडेट अप्रूव करें; बैंक क्रेडिट में देरी होने पर आज का मौका हाथ से निकल सकता है। NFO में पुरानी स्कीम से पैसे स्विच करने के नियम थोड़े अलग हैं—इसके लिए पिछली स्कीम का कट-ऑफ देखा जाता है और कई बार इसके लिए एक कारोबारी दिन पहले आवेदन करना होता है। NFO क्लोज होने के 5 वर्किंग डेज के भीतर अलॉटमेंट या रिफंड की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, जिसके बाद ये स्कीम्स दोबारा ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होती हैं। अगर किसी फंड को लेकर असमंजस में हैं, तो लिस्टिंग के बाद SIP शुरू कर सकते हैं या बाजार में मौजूद पुराने इंडेक्स फंड्स का रुख कर सकते हैं।


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