नई दिल्ली, अप्रैल 22। वैसे तो निवेश के लिहाज से आज के समय में म्यूचुअल फंड बेस्ट ऑप्शन है। मगर यहां भी आपके पैसे पर टैक्स लगेगा ही। म्यूचुअल फंड में बेहतर रिटर्न मिलता है। दूसरी अच्छी बात यह है कि जरूरत के समय आप म्यूचुअल फंड तुरंत पैसा निकाल सकते हैं। मगर जब भी आप अपने म्यूचुअल फंड को रिडीम करते हैं तो उस पर टैक्स लगता है। जानकारों के अनुसार म्यूचुअल फंड स्कीमें दो तरह की होती हैं। इनमें पहली हैं इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम, जबकि बाकी सभी स्कीमें दूसरी कैटेगरी में आती हैं। ध्यान रहे कि अगर किसी स्कीम में आने वाला 65 फीसदी पैसा इक्विटी मार्केट में लगाया जाता है तो उसे इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम कहा जाएगा। टैक्स से पहले जानिए कि कितनी तरह की म्यूचुअल फंड स्कीम होती हैं।
म्यूचुअल फंड्स की अलग-अलग कैटेगरी
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि म्यूचुअल फंड 2 कैटेगरी के होते हैं। इनमें पहली है इक्विटी फंड्स और दूसरी कैटेगरी में बाकी सभी तरह के फंड्स शामिल किए जाते हैं। इनमें लॉन्ग टर्म डेब्ट, लिक्विड, शॉर्ट टर्म डेब्ट और इनकम फंड्स के अलावा गवर्नमेंट सिक्योरिटीज और फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान शामिल किए जाते हैं। इसके अलावा गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड सेविंग्स फंड और इंटरनेशनल फंड भी इसी कैटेगरी के हैं।
जानिए कैसे लगता है टैक्स
म्यूचुअल फंड में टैक्स दो तरह से लगता है। इसे अवधियों में बांटा जाता है। इनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म शामिल हैं। पहले बात करते हैं शॉर्ट टर्म की। शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन पर भी टैक्स दो तरह से लगता है। इनमें इक्विटी ऑरिएंटेड स्कीम पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा। बाकी सभी फंड्स में मुनाफे पर टैक्स लगेगा, जो आपकी टैक्स स्लैब से हिसाब से लगेगा। जैसे कि अगर आप 15 फीसदी टैक्स स्लैब में आते हैं तो मुनाफे पर उसी हिसाब से टैक्स लगेगा।
जानिए लॉन्ग टर्म पर टैक्स का नियम
म्यूचुअल फंड में लॉन्ग टर्म पर अलग तरह से टैक्स लगता है। दूसरे इसमें टैक्स पर छूट भी मिलती है। अगर आपने इक्विटी ऑरिएंटेड स्कीम में पैसा लगाया है तो आपको 1 लाख रु तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स पर छूट मिलेगी। इससे अधिक होने पर 10 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। वहीं सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) भरने वालों को यहां भी टैक्स में थोड़ी छूट मिलेगी।
डिविडेंड भी लगेगा टैक्स
म्यूचुअल फंड में मिलने वाले डिविडेंड पर भी टैक्स लगता है। हालांकि पहले डिविडेंड पर कोई टैक्स नहीं लगता था। मगर 2020 के बजट में कुछ नियम बदले गए, जिसके तहत निवेशकों को लाभांश मिलता है उस पर भी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।
इन स्कीमों में बचता है टैक्स
म्यूचुअल फंड में एक ऐसा ऑप्शन है, जिसमें टैक्स की बचत तो होती है, साथ में तगड़ा रिटर्न भी मिलता है। ये है इक्विटी-लिंक सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस)। ईएलएसएस म्यूचुअल फंड की ही स्कीम होती है। इन स्कीमों का रिटर्न बाकी टैक्स बचाने वाली योजनाओं की तुलना में कहीं अधिक होता है। ईएलएसएस एक बढ़िया ऑप्शन है, जिसमें आप टैक्स बचा सकते हैं।
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