1 नवंबर, 2026 से फंड हाउस (AMC) ऐप्स पर डिफॉल्ट रूप से कम लागत वाले 'डायरेक्ट प्लान' ही दिखाई देंगे। यह बदलाव उन नए SIP निवेशकों के लिए बेहद फायदेमंद है जो आज से अपनी निवेश यात्रा शुरू कर रहे हैं। डायरेक्ट प्लान चुनने से आपको लंबे समय में ज्यादा रिटर्न मिलता है। इसलिए, पेमेंट करने से पहले अपने AMC ऐप पर यह जरूर चेक कर लें कि स्कीम नाम के आगे 'Direct' लिखा है या नहीं।
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा, "1 नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान ही डिफॉल्ट ऑप्शन होंगे।" अब ऐप्स के स्कीम पेज और रिव्यू स्क्रीन पर आपको 'Direct' पहले से सिलेक्टेड मिलेगा। अगर कोई यूजर 'Regular' प्लान चुनता है, तो फाइनल कन्फर्मेशन से पहले उसे ज्यादा खर्च वाला अलर्ट मैसेज दिखाई देगा।

AMC ऐप्स पर डिफॉल्ट होंगे डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान
यह फैसला क्यों मायने रखता है? वजह है- एक्सपेंस रेशियो का बड़ा अंतर। उदाहरण के लिए, HDFC फ्लेक्सी कैप के रेगुलर प्लान में 1.33% खर्च लगता है, जबकि डायरेक्ट में यह सिर्फ 0.67% है। SBI लार्ज कैप में Regular (1.47%) बनाम Direct (0.79%) और ICICI प्रूडेंशियल बैलेंस्ड एडवांटेज में Regular (1.55%) बनाम Direct (1.02%) का फर्क दिखता है। यह 0.6 से 1.0 फीसदी का फर्क लंबे समय में बहुत बड़ा अंतर पैदा कर देता है। अगर आप 10 साल तक हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं, तो डायरेक्ट प्लान के जरिए करीब ₹1.05 लाख तक की बचत हो सकती है।
SIP का गणित: डायरेक्ट बनाम रेगुलर बनाम FD
नीचे दी गई टेबल में ₹10,000 की मंथली SIP का हिसाब समझाया गया है। इसमें अनुमानित सालाना रिटर्न डायरेक्ट प्लान के लिए 12%, रेगुलर प्लान के लिए 11.2% और बैंक RD/FD के लिए 7% माना गया है। इससे आसानी से समझ आता है कि जोखिम और निवेश राशि एक जैसी होने के बावजूद डायरेक्ट प्लान चुनना आपके लिए क्यों फायदेमंद है।
| निवेश का प्रकार | 5 साल | 10 साल | 15 साल |
|---|---|---|---|
| Direct plan (12%) | ₹816,697 | ₹2,300,387 | ₹4,995,802 |
| Regular plan (11.2%) | ₹799,427 | ₹2,195,331 | ₹4,632,763 |
| Bank RD/FD at 7% | ₹715,929 | ₹1,730,848 | ₹3,169,623 |
पहली बार SIP करने वाले प्लान टैग की जांच कैसे करें?
SIP शुरू करने से पहले AMC ऐप खोलें, अपनी पसंद की स्कीम चुनें और यह पक्का कर लें कि 'Plan' टैग में Direct और 'Option' में Growth लिखा हो। पेमेंट से पहले रिव्यू स्क्रीन पर जांच लें कि वहां कोई डिस्ट्रीब्यूटर कोड दर्ज न हो। अगर आप पुराने रेगुलर प्लान से स्विच करना चाहते हैं, तो उसी स्कीम में नया Direct SIP शुरू करें और फिर पुराना SIP मैंडेट रद्द कर दें। आपकी पुरानी यूनिट्स वैसे ही बनी रहेंगी।
प्लांस स्विच करते समय टैक्स और एग्जिट लोड का रखें ध्यान
रेगुलर से डायरेक्ट में स्विच करने को म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन (पैसा निकालने) और नई खरीदारी की तरह माना जाता है। इसलिए इस पर टैक्स और एग्जिट लोड लागू होते हैं। इक्विटी फंड्स में 12 महीने से ज्यादा समय तक रखी गई यूनिट्स पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) के तहत 12.5% टैक्स लगता है, जबकि शॉर्ट-टर्म गेंस पर लागू दरों के हिसाब से टैक्स चुकाना होता है। इसके अलावा, कई इक्विटी स्कीम्स में 1 साल के भीतर पैसा निकालने पर 1% एग्जिट लोड लगता है। इसलिए स्विच करने से पहले स्कीम के नियम जरूर पढ़ लें।
स्मार्ट निवेशकों के लिए आज की चेकलिस्ट: स्कीम और रिव्यू पेज पर 'Direct' टैग की पुष्टि करें; डायरेक्ट और रेगुलर के एक्सपेंस रेशियो की तुलना करें; अपने वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से सही कैटेगरी चुनें; हमेशा AMC या रजिस्टर्ड डायरेक्ट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें; नॉमिनेशन और UPI या e-मैंडेट सेट करें; कॉन्ट्रैक्ट नोट्स और कंसोलिडेटेड स्टेटमेंट संभालकर रखें; और हर 6 से 12 महीने में अपने पोर्टफोलियो और फंड लागत की समीक्षा करते रहें।


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