दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: SIP या लम्प-सम? निवेश का सही तरीका और कैश पार्क करने की रणनीति

दशहरे के त्योहार की वजह से आज, मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार बंद हैं। इस बीच NSE और BSE ने इस साल की मुहूर्त ट्रेडिंग का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। दिवाली के दिन यानी रविवार, 8 नवंबर को दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन चलेगा। इससे पहले दोपहर 1:50 से 2:05 बजे तक ब्लॉक डील और 2:05 से 2:20 बजे तक प्री-ओपन सेशन होगा। बाजार की इस छुट्टी का फायदा उठाएं और तय करें कि आपको SIP चुननी है या लम्प-सम (एकमुश्त) निवेश करना है, साथ ही अपने कैश को समझदारी से पार्क करने की रणनीति बनाएं।

त्योहारों के इस सीजन में जब बाजार में खबरों का काफी प्रभाव रहता है, तब टाइमिंग के जोखिम से बचने और अनुशासित रहने में SIP बहुत मददगार साबित होती है। वहीं, अगर आप लम्प-सम निवेश कर रहे हैं, तो सारा पैसा एक साथ लगाने के बजाय अलग-अलग ट्रेडिंग सेशन में बांटकर निवेश करना बेहतर रहता है। इससे मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान कम लिक्विडिटी की समस्या से बचा जा सकता है और बिना किसी आपाधापी के सही कीमत पर शेयर खरीदे जा सकते हैं। इस एक घंटे के स्पेशल सेशन में बड़े मार्केट ऑर्डर के बजाय हमेशा लिमिट ऑर्डर देने को प्राथमिकता दें।

Muhurat Trading 2026: Best Investment Strategy for Diwali, SIP vs Lumpsum, and Where to Park Cash

SIP बनाम लम्प-सम: त्योहारों में निवेश की सही रणनीति

नौकरीपेशा निवेशकों को अपनी SIP की तारीख सैलरी आने के ठीक बाद की रखनी चाहिए। वहीं, जो निवेशक एकमुश्त पैसा लगाना चाहते हैं, वे 30 फीसदी रकम मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन और बाकी 70 फीसदी अगले दो हफ्तों में धीरे-धीरे लगाएं। बाकी बचे कैश को लिक्विड फंड में रख सकते हैं, जहां से हर हफ्ते ट्रांसफर चलाया जा सकता है। इस कैटेगरी के फंड फिलहाल 1 साल में करीब 6.5 से 7.0 फीसदी का रिटर्न दे रहे हैं, जिससे कम समय में भी आपका पैसा सुरक्षित रहता है और कमाई भी होती रहती है।

कैश कहां पार्क करें: लिक्विड फंड, ओवरनाइट फंड या FD?

जिस पैसे की जरूरत आपको दिसंबर से पहले नहीं पड़ने वाली, उसे लिक्विड या ओवरनाइट फंड्स में रखना सही विकल्प है। ये फंड्स सेम-डे लिक्विडिटी यानी जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा निकालने की सुविधा देते हैं और इनका रिटर्न शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों से जुड़ा होता है। अगर आप फिक्स्ड और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो 1 साल की बैंक FD चुन सकते हैं, हालांकि इसमें लॉक-इन पीरियड लागू होता है। आइए, वर्तमान दरों के हिसाब से इनकी तुलना समझते हैं:

विकल्प (Instrument)1 साल का मौजूदा अनुमानित रिटर्नलिक्विडिटीखास बातें
लिक्विड फंड्स6.5–7.0%T+1 क्रेडिट; क्विक रिडेम्पशन की सुविधाशॉर्ट-टर्म दरों के आधार पर रिटर्न
ओवरनाइट फंड्स5.1–5.5%T+1 क्रेडिटड्यूरेशन का सबसे कम जोखिम
बैंक FD (1 साल)6.5–7.25%पेनाल्टी के साथ समय से पहले निकासी संभवगारंटीड ब्याज दर

रिस्क कैटेगरी, T+1 नियम और छुट्टियों का असर

अपने निवेश की समयसीमा के आधार पर पैसे को सही जगह लगाएं। 0 से 6 महीने के लिए ओवरनाइट, लिक्विड या मनी मार्केट फंड्स बेहतर हैं। 1 से 3 साल के लिए शॉर्ट ड्यूरेशन या बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड्स में निवेश करें। वहीं, 5 साल या उससे ज्यादा समय के लिए SIP के जरिए डाइवर्सिफाइड इक्विटी या लो-कॉस्ट इंडेक्स फंड्स चुनें। याद रखें कि मुहूर्त ट्रेडिंग के सौदों का सेटलमेंट T+1 नियम के तहत सोमवार, 9 नवंबर को होगा। हालांकि, छुट्टियों की वजह से सेटलमेंट की तारीखों में बदलाव हो सकता है।

8 नवंबर से पहले निपटा लें ये जरूरी काम

मुहूर्त ट्रेडिंग से पहले अपनी UPI लिमिट चेक कर लें। IPO के लिए UPI-आधारित ASBA के तहत प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख तक की अनुमति है। अपने ब्रोकर अकाउंट में पहले से फंड ट्रांसफर कर लें और नेटबैंकिंग या मैंडेट लिमिट जांच लें। अगर मुहूर्त सेशन से पहले पैसे को लिक्विड फंड में ट्रांसफर कर रहे हैं, तो कट-ऑफ टाइम का ध्यान रखें। NSE प्लेटफॉर्म के अनुसार, लिक्विड फंड्स में खरीदारी का कट-ऑफ समय दोपहर 1:00 बजे और अन्य स्कीमों के लिए दोपहर 2:30 बजे है। प्री-ओपन सेशन शुरू होने से पहले ही अपना लॉगिन चेक कर लें, बास्केट ऑर्डर तैयार रखें और ट्रेडिंग के दौरान केवल लिमिट ऑर्डर ही लगाएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+