भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस बार मानसून 26 मई को समय से पहले दस्तक दे सकता है। हालांकि, सामान्य से कम बारिश के अनुमान ने कई लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम का यह मिजाज सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों की डिमांड और खाद्य महंगाई को प्रभावित करता है। ऐसे में निवेशकों के लिए फिक्स्ड रिटर्न और मार्केट ग्रोथ के बीच सही तालमेल बिठाना जरूरी हो गया है। अपनी वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सही एसेट क्लास का चुनाव करना अब बेहद अहम है।
भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण खपत की रीढ़ आज भी खेती-किसानी ही है। कम बारिश होने पर अक्सर कई सेक्टरों में लोगों की खर्च करने की क्षमता कम हो जाती है। इसका असर FMCG कंपनियों के मुनाफे पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि समझदार निवेशक अब जोखिम कम करने के लिए अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस कर रहे हैं, ताकि उनकी पूंजी सुरक्षित रहे और भविष्य में अच्छी ग्रोथ भी मिले।

FD, RD या SIP: निवेश के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) आज भी भरोसेमंद विकल्प हैं। फिलहाल कई बैंक जमाकर्ताओं को 8 फीसदी के करीब ब्याज ऑफर कर रहे हैं। ये उन निवेशकों के लिए बेहतरीन हैं जो बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं। वहीं, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का मौका देता है। यह शेयर बाजार की उठापटक के बीच निवेश की लागत को औसत (average) करने में मदद करता है।
| एसेट क्लास | रिस्क लेवल | अनुमानित रिटर्न |
|---|---|---|
| फिक्स्ड डिपॉजिट | कम | 7.0% - 8.0% |
| सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड | मध्यम | 10.0% - 11.5% |
| इक्विटी SIP | ज्यादा | 12.0% - 15.0% |
गोल्ड या स्टॉक्स: कमाई के लिए कहां लगाएं दांव?
जलवायु जोखिम और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सोना हमेशा से एक मजबूत ढाल रहा है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम लंबी अवधि के खरीदारों को सालाना अतिरिक्त ब्याज का फायदा भी देती है। दूसरी ओर, शेयर बाजार में टू-व्हीलर और एग्री-स्टॉक्स पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। अगर ग्रामीण आय में गिरावट आती है, तो इन सेक्टरों की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है। बेहतर स्थिरता के लिए निवेशकों को 'बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स' को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कमजोर मानसून की आहट के बीच अपनी वेल्थ मैनेज करने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाएं। इमरजेंसी फंड के लिए डेट फंड्स जैसे विकल्पों पर ध्यान दें ताकि लिक्विडिटी बनी रहे। सोने और फिक्स्ड इनकम में निवेश बांटने से आपको एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलता है। हमेशा अपनी रिस्क लेने की क्षमता के आधार पर ही निवेश का फैसला करें और अपने फाइनेंशियल प्लान को अपडेट रखने के लिए IMD की रिपोर्ट पर नजर बनाए रखें।


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