नई दिल्ली। सरकार ने भारत बॉन्ड ईटीएफ जारी किया है। इसमें कोई भी निवेश कर सकता है। यहां पर निवेश की न्यूनतम राशि काफी कम रखी गई है। वहीं इस पर निवेश करने वालों को 7.58 फीसदी रिटर्न दिया जा रहा है। ऐसे में अगर कोई इसमें निवेश करता है तो उसका पैसा 10 साल में दोगुना हो जाएगा। इसमें निवेश के दो विकल्प मिलेंगे पहला है 3 साल का और दूसरा 10 साल के निवेश का।
कितना करना होगा न्यूनतम निवेश
भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेशकों को न्यूनतम 1,000 रुपये का निवेश करना होगा। अगर ज्यादा पैसा निवेश करना चाहते हैं तो 1,000 रुपये के मल्टीपल में किया जा सकता है। लेकिन अगर निवेश करना चाहते हैं तो केवल कल तक ही आपके इस पैसा डबल करने वाली योजना में निवेश का मौक है। यह स्कीम निवेश के लिए 20 दिसंबर 2019 तक ही खुली रहेगी।
एसबीआई में लगेगा 2 साल ज्यादा
एसबीआई की एफडी पर पर इस समय 1 से लेकर 10 साल तक का ब्याज 6.25 फीसदी है। यह ब्याज दरें 10 नवंबर 2019 से लागू की गई हैं। बैंक भी अपनी ब्याज समय समय पर बदलते रहते हैं। अगर एसबीआई में इस ब्याज दर पैसा जमा किया जाता है तो करीब 12 साल में यह डबल होगा।
क्या है भारत बॉन्ड ईटीएफ
भारत बॉन्ड ईटीएफ निवेश के लिए खुल चुका है। इस ईटीएफ में एकत्र किया गया पैसा केवल सरकारी कंपनियों के ट्रिपल ए रेटिंग वाले बॉन्डों में निवेश किया जाएगा। वहीं इसका बेंचमार्क निफ्टी भारत बॉन्ड इंडेक्स तय किया गया है। इस ईटीएफ के प्रबंधन के लिए एडलवाइज म्यूचुअल फंड को चुना गया है। इसमें बैंक और बीमा कंपनियां भी निवेश कर रहे हैं। वहीं जानकारों के अनुसार इसमें रिटेल इनवेस्टरों के लिए ईटीएफ की यूनिटों को खरीदना सस्ता रहेगा। इसमें एसेट मैनेजमेंट कंपनी की मैनेजमेंट फीस 0.0005 फीसदी तय की गई है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी प्रत्येक 2 लाख रुपये के निवेश पर 1 रुपये की फीस के रूप में लेगी।
15000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
भारत बॉन्ड ईटीएफ के माध्यम से 15,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। वहीं 8,000 करोड़ रुपये के ओवर एलॉटमेंट का विकल्प भी रखा गया है। इसमें एकत्र पैसा 15 सरकारी कंपनियों के बांड में निवेश किया जाएगा। भारत बॉन्ड ईटीएफ एक फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट है। इस फंड में खुदरा निवेशक न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश कर सकते हैं। जिनके पास डीमैट अकाउंट नहीं है, वे फंड्स ऑफ फंड्स स्कीम के जरिये निवेश कर सकते हैं।
बांड से जल्द पैसा निकालने पर कितना लेगा लगेगा चार्ज
निवेशक इस बांड में 3 साल और 10 साल के लिए निवेश कर सकते हैं। एलॉटमेंट की तारीख के बाद 30 दिन पूरा होने इससे पैसा कभी भी निकाला जा सकता है। ऐसा करने पर लोगों को 0.10 फीसदी का एक्जिट लोड देना पड़ेगा।
एफडी से बेहतर विकल्प
वित्तीय बाजारों के जानकारों के अनुसार यह एफडी के मुकाबले बेहतर रिटर्न देगा। एफडी में अगर निवेशक 5 साल का ब्याज ही लॉक इन कर सकता है, वहीं इस बॉन्ड में 10 साल का ब्याज लॉक इन किया जा सकता है।
वहीं इस बॉन्ड पर डेट म्यूचुअल फंड की तरह टैक्स लगेगा। अगर निवेश 3 साल से ज्यादा दिनों तक रहेगा तो इंडेक्सेशन का फायदा मिलेगा। ऐसे में केवल 20 फीसदी ही टैक्स देना होगा। वहीं एफडी पर 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। इसको इस बात से समझा जा सकता है कि अगर 1 लाख रुपये का निवेश किया हो तो यह 7.58 फीसदी की रिटर्न के साथ 10 साल में आपका पैसा 2,07,642 रुपये कर देगा। इंडेक्सेशन के हिसाब से टैक्स देने पर आपको 7,836 रुपये टैक्स देना होगा। इस प्रकार आपको इस बांड से कटकर 1,99,806 रुपये मिलेगा।


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