कोरोना वायरस ने दुनियाभर के देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। संक्रमण को रोकने के लिए चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सर्राफा बाजार बंद है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने दुनियाभर के देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। संक्रमण को रोकने के लिए चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सर्राफा बाजार बंद है। ऐसे वक्त जब शेयरों और बॉन्ड में निवेश से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं दिखती, सोने में निवेश आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इतना ही नहीं सोना में निवेश करने वालों के लिए पैसा दोगुना हो सकता है।

सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। बुलियन मार्केट में सोने के रेट में बहुत बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। यूं कहें कि सोने की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। वर्तमान में बाजार की स्थिति निवेशकों को स्टॉक और बॉण्ड्स की ओर आकर्षित नहीं कर पा रही है। ऐसे सोना सुरक्षित निवेश के तौर पर निवेशकों को लुभा रही है। बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटी (BofSec) के वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 3000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी। सोना निवेशकों के लिए पहली पसंद बन रहा है, जो इसकी कीमत में रिकॉर्ड उछाल की पहली वजह के तौर पर सामने आया है।
सोना में निवेश हमेशा से सुरक्षित माना जाता
कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन के दौरान भले आप सोने-चांदी की खरीददारी नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को सोना एक बार फिर से सोना 46000 के पार पहुंच गया है। हाल ही में सोने की कीमत 46000 रुपए के पार पहुंच गया है। वहीं वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 3000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने के आसार हैं। निवेश के विकल्प के तौर पर स्टॉक और बॉन्ड्स की मौजूदा बाजार स्थितियों को देखते हुए निवेशक सोने में पैसा लगा रहे हैं। सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो जल्द 82000 रु के पार जाएगी 10 ग्राम सोने की कीमत
बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज (बोफा सेक) के बाजार जानकारों के मुताबिक वैश्विक बाजार में सोने की कीमत साल 2021 के अंत तक 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएगी। इसे भारतीय बाजार के परिपेक्ष में देखें तो साल 2021 तक सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 82,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच जाएगी। सोने की कीमत में ये रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी। इतिहास में पहला मौका होगा जब सोने की कीमत 82000 रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सोने में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 1 साल के भीतर सोने में निवेश से दोगुना लाभ कमाने कीा उम्मीद है।
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आने की मुख्य वजह
दरअसल कोरोनावायरस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में निवेश के खतरों को देखते हुए निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे हैं। पीली धातु सोना हमेशा से निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश रहा है। ऐसे में निवेशकों के रुझान बढ़ने से सोने की कीमत में तेजी आई है। लेकिन इसके बावजूद इसकी कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सर्राफा बाजार बंद होने के बावजूद केंद्रीय बैंक, फंड मैनेजर्स, और निवेशक सोने में निवेश कर रहे हैं, जिसकी वजह से सोने की कीमत में तेजी आई है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह 7 अप्रैल को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत 45,720 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। वहीं बाजार जानकार मान रहे हैं कि सोना इस हफ्ते 46000 रुपए के स्तर को पार कर जाएगा। जून तक इसकी कीमत 50000 रुपए प्रति 10 ग्राम जाने की उम्मीद की जा रही है।
ऑनलाइन गोल्ड खरीदने से पहले जान लें ये बातें
डिजिटल गोल्ड
डिजिटल गोल्ड को ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं। इस फिजिकल गोल्ड को सेंट्रली सुरक्षित रूप से स्टोर किया जाता है।
एक्सचेंज ट्रेडेड-फंड ईटीएफ
यह सोने को खरीदने का सबसे सस्ता तरीका है। इसमें सोने को पेपर फॉर्मेट में एक्सचेंजो पर खरीदा और बेचा जा सकता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एसजीबी
सोने में निवेश का एक तरीका सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी है। यह बॉन्ड सरकार जारी करती है। यह सोने में लंबी अवधि के निवेश के लिए अच्छा विकल्प है। कुछ महीनों के अंतराल पर इसकी पेशकश की जाती है। ऐसे बॉन्ड को भुनाने पर टैक्स देनदारी भी नहीं बनती है।
फिजिकल गोल्ड
सोने को ज्वैलरी के तौर पर फिजिकल फॉर्म में खरीदा जा सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट बताते हैं कि फिजिकल फॉर्म में सोने में निवेश ठीक नहीं है।
गोल्ड बिस्कुट
सोने की ज्वैलरी, सिक्के या बिस्कुट के रूप में भी खरीदा जा सकता है। लेकिन इसमें भी सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं रहती हैं।


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