नई दिल्ली। हाल ही के कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद गोल्ड की कीमतों में भारी तेजी दर्ज की गई थी। करीब एक हफ्ते में ही गोल्ड 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो चुका है। लेकिन इसी बीच मोदी सरकार ने खुशखबरी दी है कि अगर कोई चाहे तो उसे गोल्ड प्रति 10 ग्राम 910 रुपये से लेकर 1410 रुपये तक सस्ते मेंं बेचेगी। सरकार की इस स्कीम में न्यूनतम 1 ग्राम से लेकर कितना भी गोल्ड खरीदा जा सकता है। लेकिन यहां पर याद रखने की है कि यह स्कीम केवल 17 जनवरी तक ही रहेगी। यानी अगर मोदी सरकार की इस स्कीम में सस्ता गोल्ड खरीदना है तो 17 जनवरी 2020 के पहले ही खरीदना होगा।
आइये जानते हैं कि यह स्कीम कौन सी है, और इस स्कीम में कैसे सस्ता सोना खरीदा जा सकता है।
सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम में मिलता है सस्ता सोना
मोदी सरकार की सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम निवेश के लिए खुल गई है। इस स्कीम में 17 जनवरी 2020 तक गोल्ड खरीदा जा सकता है। यह 2019-20 में गोल्ड बांड की आठवीं सीरीज है। इस स्कीम में 1 ग्राम गोल्ड की 4016 रुपये में दिया जा रहा है। वहीं अगर इस गोल्ड का पेमेंट आप ऑनलाइन करते हैं तो 50 रुपये प्रति 1 की छूट मिलेगी। ऐसे में यह 1 ग्राम गोल्ड 3966 रुपये का मिलेगा। वहीं 13 जनवरी 2020 को गोल्ड का रेट 4107 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस प्रकार मोदी सरकार की इस स्कीम में ऑनलाइन पेमेंट करके 10 ग्राम सोना खरीदने पर जहां अधिकतम 1410 रुपये बचाए जा सकते हैं, वहीं नकद पैसा देकर गोल्ड खरीदने पर 910 रुपये का फायदा मिलेगा।
सॉवरिन गोल्ड बांड के 5 बड़े फायदे
-किसी तरह का लोन लेने के दौरान गोल्ड बांड को कोलैक्ट्रल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
-गोल्ड बांड में निवेश करने पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा।
-गोल्ड बांड में 999 शुद्धता वाला सोना होता है।
-5 साल बाद गोल्ड बांड को जरूरत पड़ने पर कैश कराया जा सकता है।
-गोल्ड बांड में निवेश पर जीएसटी नहीं देना होता है, जबकि बाजार से गोल्ड की खरीद पर 3 फीसदी जीएसटी कटता है।
निवेश पर ब्याज अगल से मिलेगा
सॉविरन गोल्ड बांड में निवेश करने वालों को मोदी सरकार ब्याज भी देती है। यह ब्याज सालाना 2.5 फीसदी होता है। यह ब्याज साल में दो बार में दिया जाता है। वहीं जहां तक टैक्स की बात है तो सॉवरिन गोल्ड बांड के मैच्योर होने पर मिलने वाला पैसे को कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती है। यह गोल्ड बांड 8 साल के होते हैं। लेकिन बीच में पैसा निकालने की छूट होती है।
कब हुई थी गोल्ड बांड की शुरुआत
मोदी सरकार ने सन 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम के तहत साल में कई बार गोल्ड में निवेश का मौका दिया जाता है। लेकिन गोल्ड का रेट हर बार बाजार के हिसाब से तय किया जाता है। यह कीमत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से तय की जाती है। गोल्ड बांड में कोई भी भारतीय व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम तक के गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। यह गोल्ड बॉन्ड में न्यूनतम निवेश 1 ग्राम का होता है।
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