नई दिल्ली। मोदी सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इससे पहले सरकार ने कृषि से जुड़े कई कानूनों में बदलाव किया है। इन बदलावों के बाद देश में कृषि आधारित कारोबार आसान हो गया है। इसका फायदा अगर कोई उठाना चाहता है, तो वह सरकार से 20 लाख रुपये का लोन लेकर यह काम कर सकता है। सरकार ऐसे कारोबारी की जमकर मदद भी करेगी। इस लोन पर सरकार 36 से लेकर 44 फीसदी तक की सब्सिडी भी देगी। ऐसे में कारोबार शुरू करने वालों को दोहरा फायदा हो सकता है। एक तो आसानी से लोन मिल रहा है, दूसरा इस लोन को पटाने पर बहुत सारी सब्सिडी भी दी जा रही है। अगर आप भी इस स्कीम की जानकारी लेने के इच्छुक हैं तो यहां पर पूरी जानकारी ले सकते हैं। आइये जानते हैं पूरी स्कीम।
एग्रीकल्चर बिजनेस को बढ़ावा देने का प्रयास
अगर आप कृषि से जुड़ा कारोबार शुरू करना चाहते हैं या इससे जुड़ा करोबार कर रहे हैं और इसे बढ़ाना चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके काम की है। इस स्कीम के तहत सरकार आपको 20 लाख रुपये तक का लोन देगी। लोगों को यह पैसा एग्री क्लिनिक और एग्री बिजनेस सेंटर स्कीम के माध्यम से दिया जाएगा। इस योजना से जुड़ने वालों को 45 दिनों का ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके बाद अगर आप योग्य पाए गए तो नाबार्ड के माध्यम से आपको यह लोन दिलाया जाएगा।
ये है आवदेन का तरीका
एग्री क्लिनिक और एग्री बिजनेस सेंटर स्कीम का फायदा लेने के लिए आपको ट्रेनिंग के लिए अपने नजदीक का कॉलेज चुनना होगा। इन ट्रेनिंग सेंटरों को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के एक संगठन, राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान हैदराबाद से जोड़ा गया है। यह संस्थान कृषि मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। इस संस्थान से जैसे ही आपकी ट्रेनिंग पूरी होती है, कृषि से संबंधित व्यवसाय शुरू करने के लिए नाबार्ड से लोन दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
जानिए कैसे मिलती है सब्सिडी
कृषि आधारित कारोबार शुरू करने के लिए ट्रेनिंग पूरी करने वाले लोगों को 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। अगर कोई 5 व्यक्तियों का समूह बना ले तो उसे 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। जहां तक सब्सिडी की बात है तो सामान्य श्रेणी के आवेदकों को 36 प्रतिशत सब्सिडी और अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला आवेदकों को इस कर्ज पर 44 फीसदी तक की सब्सिडी मिलती है।
योजना के बारे में ज्यादाजानकारी के लिए इन नंबरों पर फोन किया जा सकता है।
टोल फ्री नंबर- 1800-425-1556
-9951851556
जानिए इस योजना का उद्देश्य
मोदी सरकार किसानों की आमदनी दोगुना करना चाहती है। ऐसे में अगर कृषि आधारित कारोबार तेजी से बढ़ेगा तो कृषि उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी। जैसे ही कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, तो इनका रेट भी बढ़ने लगेगा। अगर कृषि उत्पादों का रेट बढ़ता है तो सीधा फायदा किसानों को ही होगा। इसके अलावा ढेर सारे युवा एग्रीकल्चर से संबंधित एग्रीकल्चर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट या डिप्लोमा कोर्स किए हुए हैं। इनके पास हुनर है, लेकिन कारोबार का मौका नहीं है। ऐसे में यह स्कीम कारोबार शुरू करने में मदद करेगी। ये युवा कारोबार में महारथी नहीं हैं, यह बात सरकार भी जानती है। इसी लिए उसने इस लोन पटाने की अविध को 15 वर्ष निर्धारित किया है।


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