नई दिल्ली, जुलाई 6। किसी भी देश के शेयर बाजार के चार्ट को आमतौर पर एक कठिन चीज समझ कर देखने से छोड़ दिया जाता है। लेकिन यह आमतौर पर उस देश के ईसीजी चार्ट की तरह होते हैं। जैसे किसी व्यक्ति का दिल कैसे काम कर रहा है, यह ईसीजी से जाना जा सकता है, ठीक वैसे ही किसी भी देश के शेयर बाजार के चार्ट को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस देश का क्या हाल है। यह चार्ट फोटो की तरह से यहां पर इस्तेमाल किया गया है, जिससे आप उस पर ठीक से नजर डाल सकें।
जानिए एक चार्ट से अमेरिका का हाल
अमेरिका में कई शेयर बाजार हैं, जिसमें से एक है डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (डीजेआईए)। यह दुनिया के सबसे पुराने और प्रसिद्ध इंडेक्स में से एक है। यह दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजार के लिए एक बेंचमार्क के रूप में आज भी एक महत्वपूर्ण बैरोमीटर बना हुआ है।
अचानक चर्चा में क्यों हैं यह इसका चार्ट
हाल ही में मोका इन्वेस्टर्स के प्रबंध निदेशक क्रिस काचर ने 1896 के बाद से डॉव के प्रदर्शन का एक ग्राफ जारी किया है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे सूचकांक ऊपर और नीचे गया और उस दौर में अमेरिका में क्या हो रहा था। इसके अलावा यह चार्ट यह भी बताता है कि शेयर बाजार तमाम दिक्कतों के बाद भी हरदम आगे ही बढ़ता है।
निवेश का महत्वपूर्ण सबक देता है यह चार्ट
वहीं इसके अलावा यह चार्ट एक मूल मंत्र भी बताता है कि अपने रिटर्न को अधिकतम करने के लिए अनिश्चितता के समय में हमेशा चुस्त रहने की कितनी जरूरत है। यह चार्ट बताता है कि निवेशकों को बाजार की बदलती परिस्थितियों के प्रति सजग रहना चाहिए और अपने शेयरों के प्रति प्रतिबद्ध होने की जगह निवेश के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
जानिए कितना रिटर्न दिया है डॉव ने
अगर चार्ट को देखेंगे तो डाव ने अभी तक करीब 50,000 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसी अवधि के दौरान, अमेरिका की जीडीपी करीब 118,583 फीसदी बढ़ी। इस चार्ट को 12 कालखंड में दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि कैसे 1929 के स्टॉक-मार्केट क्रैश से बाजार को उबरने में 25 साल लगे। वियतनाम युद्ध, 1973 के तेल के झटके और राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के इस्तीफे के संयुक्त प्रभाव से शेयरों को वापस ऊपर जाने में करीब 16 साल लगे।


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