नई दिल्ली, मार्च 14। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) एक लोकप्रिय पोस्ट ऑफिस बचत योजना है। ये धारा 80 सी के तहत गारंटीड रिटर्न के साथ-साथ टैक्स बेनेफिट भी प्रोवाइड करती है। वित्तीय योजनाकार इस योजना में जोखिम से बचने वाले निवेशकों को निवेश करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह एक निश्चित रिटर्न की पेशकश करते हुए आपके पैसे को सुरक्षित रखने वाली योजना है। इस पर मिलने वाला निश्चित रिटर्न दूसरी बचत योजनाओं की तुलना में अधिक है। इस योजना से आप अपने 10 लाख रु को 14 लाख रु बना सकते हैं। आइए जानते हैं पूरा गणित।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेस्ट
पर्सनल फाइनेंस विशेषज्ञों के अनुसार एनएससी का उपयोग वरिष्ठ नागिरक निरंतर मासिक आय प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति अपने नाम से या अवयस्कों की ओर से इस योजना में निवेश कर सकता है। एनएससी में दो लोगों द्वारा संयुक्त रूप से निवेश किया जा सकता है। इस योजना में संयुक्त रूप से या उत्तरजीवी आधार पर निवेश किया जा सकता है।
कितनी है ब्याज दर
सरकार हर तिमाही में एनएससी पर दी जाने वाली ब्याज दर तय करती है। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पर चालू तिमाही के लिए ब्याज दर 6.8 प्रतिशत है। यदि आप इस ब्याज दर पर आज 1000 रुपये का एनएससी खरीदते हैं, तो आपका निवेश पांच साल में बढ़कर 1389 रुपये हो जाएगा। एनएससी में कितनी भी राशि का निवेश किया जा सकता है।
ऐसे बनेंगे 10 लाख रु के 14 लाख रु
इस योजना में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसलिए, अगर आप अभी एनएससी में 10 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो आपका पैसा पांच साल में बढ़ कर 13.89 लाख रुपये हो जाएगा।
टैक्स बेनेफिट
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एनएससी में निवेश की गयी 1.5 लाख रुपये तक की राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत आयकर कटौती का लाभ मिलता है। एनएससी निवेश पर जनरेट ब्याज को हर साल फिर से निवेश किया जाता है और हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक कर कटौती के लिए यह पात्र होता है क्योंकि यह हर साल अर्जित होता है और इसका भुगतान मैच्योरिटी पर किया जाता है।
कब लगेगा टैक्स
जब एनएससी मैच्योर हो जाती है, तो अर्जित पूरा ब्याज जमाकर्ता को मिलता है और वो कर योग्य हो जाता है। वित्तीय सलाहकारों के अनुसार यह सबसे कम आयकर समूह के निवेशकों के लिए बेहतर है। ध्यान रहे कि सर्टिफिकेट रिडीम करने पर कोई टीडीएस नहीं काटा जाता है। एनएससी को समय से पहले केवल परिस्थितियों में रिडीम कराया जा सकता है। इनमें जमाकर्ता की मृत्यु, अदालत के आदेश या गिरवीदार द्वारा जब्ती शामिल है। एक और बात कि यदि इसे खरीद के एक वर्ष के भीतर रिडीम किया जाता है, तो केवल फेस वैल्यू का भुगतान किया जाएगा। यदि एक वर्ष के बाद लेकिन खरीद की तारीख से तीन साल पहले रिडीम किया जाए तो पोस्ट ऑफिस की बचत खाते पर लागू साधारण ब्याज दर के हिसाब से ब्याज का भुगतान किया जाता है। दूसरी ओर, एनएससी को तीन साल के निवेश के बाद डिस्काउंटेड वैल्यू पर रिडीम किया जा सकता है।
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