नई दिल्ली, जनवरी 2। सरकार ने इस महीने अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला किया। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर वर्तमान में दरें ही लागू रहेंगी। बता दें कि कोरोनावायरस महामारी के बीच बहुत बड़ा वर्ग छोटी बचत योजनाओं पर निर्भर रहा और इससे उन्हें राहत मिली। राहत मिली लोन की। छोटी बचत योजनाएँ भारतीयों के लिए सबसे लोकप्रिय लोन निवेश ऑप्शनों में से हैं। इन पर न केवल निवेश पर ब्याज दर की पेशकश की जाती है, बल्कि इनमें से कुछ पर आप जरूरत के समय लोन भी ले सकते हैं।
कई योजानओं पर मिलता है लोन
पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाओं पर लोन सुविधा उपलबध है। इन्हीं में से एक है किसान विकास पत्र (केवीपी)। केवीपी पर इस समय 6.9 फीसदी ब्याज दर ऑफर की जा रही है। इस योजना में निवेश की गई राशि 10 साल चार महीने में दोगुनी हो जाती है, जो कि इस समय मैच्योरिटी अवधि भी है। एक निवेशक कम से कम इस स्कीम में 1,000 रुपये का निवेश कर सकता है। केवीपी में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
समय से पहले निकासी
कई अन्य लंबी अवधि की बचत योजनाओं के उलट, केवीपी निवेशकों को समय से पहले निकासी (पैसे निकालने) की अनुमति देती है। हालाँकि, यदि आप प्रमाण पत्र खरीदने के एक वर्ष के भीतर पैसा वापस निकालते हैं, तो न केवल आपको ब्याज का नुकसान होगा, बल्कि आपको चार्ज भी देना होगा। अगर आप सर्टिफिकेट खरीदने के बाद से एक साल से ढाई साल के बीच पैसे निकालते हैं तो कोई पेनल्टी नहीं लगेगी, लेकिन आपका ब्याज कम हो जाएगा। ढाई साल के बाद किसी भी समय निकासी की अनुमति है और इस पर कोई जुर्माना या ब्याज में कमी नहीं होगी।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट
यह पांच साल की स्कीम है, जिस पर इस समय 6.8 फीसदी ब्याज दर मिल रही है। एनएससी में आप न्यूनतम 1000 रु की राशि का निवेश कर सकते हैं। जबकि निवेश की अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। ये 100 रुपये, 500 रुपये, 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये में जारी किए जाते हैं। हालांकि, केवल 1.5 लाख रुपये तक का निवेश ही धारा 80सी के तहत टैक्स कटौती के लिए योग्य होगा।
कब मिलता है ब्याज
डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट की तरफ से उपलब्ध नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर जानकारी के अनुसार धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। एनएससी में एक साल में 1,50,000 लाख रुपये तक निवेश की गई राशि पर टैक्स कटौती का फायदा मिल सकता है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर सालाना ब्याज मिलता है लेकिन यह केवल मैच्योरिटी पर ही देय होता है। फिलहाल नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर मिलने वाली ब्याज दर 6.8 फीसदी है।
मिल सकता है लोन
बैंक ऑफ बड़ौदा की वेबसाइट के मुताबिक, अगर बची हुई मैच्योरिटी अवधि तीन साल से कम है तो ऊपर बताई गई दो छोटी बचत योजनाओं की निवेश राशि के 85% तक लोन मिल सकता है। यदि बची हुई मैच्योरिटी राशि तीन वर्ष से अधिक है, तो 80% तक लोन मिल सकता है। एक व्यक्ति ओवरड्राफ्ट सुविधा के लिए इन प्रतिभूतियों को गिरवी भी रख सकता है।


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