नई दिल्ली, अगस्त 02। सार्वजनिक भविष्य निधि (पब्लिक प्रोविडेंट फंड या पीपीएफ) के माध्यम से निवेश करने के बेस्ट और सुरक्षित तरीकों में से एक है, जो निवेश की गई राशि के बदले लोन भी प्रदान करता है। खाताधारकों के पास अपने खाते में किए गए निवेश के बदले कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन लेने का विकल्प होता है। यह सबसे अधिक टैक्स-फ्रेंड्ली लॉन्ग टर्म सेविंग्स प्रोडक्ट्स में से भी एक है क्योंकि ब्याज और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री रहती है। यह धारा 80सी के तहत टैक्स कटौती के लिए भी योग्य है। एक पीपीएफ खाताधारक की लोन के लिए पात्रता पीपीएफ बैलेंस पर आधारित होती है जो उसके खाते में जमा होती है।
लोन के लिए एलिजिबिलिटी
खाते के तीसरे से छठे वित्तीय वर्ष तक लोन के लिए अप्लाई किया जा सकता है। यदि खाता 2020-2021 में शुरू किया गया था तो 2022-2023 में लोन प्राप्त किया जा सकता है। इसके बाद, व्यक्ति अपने पीपीएफ खाते से बिना लोन लिए जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पैसा निकाल सकते हैं। यह एक शॉर्ट टर्म लोन होगा, जिसे 36 महीनों के भीतर चुकाना होगा।
लोन राशि
लोन के लिए आवेदन करने से एक वर्ष पहले खाते में बैलेंस के 25% तक अधिकतम लोन राशि मिल सकती है। पीपीएप खाते पर दूसरा लोन तब तक प्राप्त नहीं किया जा सकता है जब तक कि पहला लोन पूरी तरह से चुकाया नहीं जाता है। एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के अनुसार पीपीएफ आंशिक निकासी नियमों के अनुसार, आप सात साल बाद अपने पीपीएफ खाते में राशि का 50 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। आप प्रत्येक वर्ष केवल एक आंशिक निकासी कर सकते हैं।
कैसे होगी आंशिक निकासी (थोड़ा पैसा निकालना)
निकासी करने के लिए, आपको पीपीएफ पासबुक और बैंक / पोस्ट ऑफिस में एक आवेदन जमा करना होगा। निकाली गई राशि भी टैक्स फ्री रहेगी। यह भी पीपीएफ निकासी नियम 2021 में अपरिवर्तित रहता है।
कितनी होगी ब्याज दर
लोन पर ब्याज दर खाता बैलेंस पर प्राप्त ब्याज की तुलना में 1 प्रतिशत अधिक निर्धारित की जाती है। इसका मतलब है कि पीपीएफ खाते पर ब्याज दर में बदलाव से पीपीएफ खातों पर लिए गए लोन की ब्याज दर भी प्रभावित होगी। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक बार लोन के लिए ब्याज दर निर्धारित हो जाने के बाद, यह तब तक नहीं बदलेगी, जब तक कि लोन की अवधि समाप्त न हो जाए।
इतने समय में लौटाना होगा
पीपीएफ खातों पर लिए गए लोन के लिए किसी गारंटी की आवश्यकता नहीं है। जिस महीने में इसे पास किया गया था, उसके बाद के पहले महीने से शुरू होने वाले 36 महीनों के भीतर लोन वापस किया जा सकता है। मूल राशि का भुगतान उधारकर्ताओं द्वारा एक बार में या दो या अधिक भुगतानों में किया जा सकता है।
टैक्स बेनेफिट
1961 के आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत, पीपीएफ में योगदान टैक्स छूट के योग्य है। पीपीएफ उन कुछ वित्तीय उत्पादों में से एक है जो आम तौर पर ईईई टैक्स क्लासिफिकेशन की सुविधा देते हैं। जानकार कहते हैं कि लोन के लिए आपको अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए क्योंकि पीपीएफ जोखिम-मुक्त और कर-मुक्त और बेहतर प्रदर्शन वाले रिटर्न प्रदान करता है।
More From GoodReturns

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

NSE प्री-ओपन ऑक्शन में बड़ा बदलाव: 7 सितंबर से बदलेंगे नियम, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर?

रविवार को सोने-चांदी के भाव स्थिर: क्या आज खरीदारी करना है सही फैसला? जानें 22K-24K के ताजा रेट्स

मुंबई लोकल मेगाब्लॉक: आज वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर बड़ा असर, घर से निकलने से पहले देखें टाइमिंग



Click it and Unblock the Notifications
