नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की एक लापरवाही के चलते एक बीमाधारक को काफी परेशान होना पड़ा। उसने एलआईसी के लिखित दस्तावेज पर भरोसा किया और अपना प्रीमियम जमा करना शुरू किया। एक भी किस्त उसने भरने में देर नहीं की, लेकिन जैसे ही पॉलिसी के मैच्योरिटी का समय नजदीक आया एलआईसी ने एक पत्र लिख कर बताया कि आपकी पॉलिसी का मैच्योरिटी अमाउंट काफी कम है। पॉलिसीधारक ने एलआईसी को सभी तरह से समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। अंत में बीमाधारक को कोर्ट जाना पड़ा। और अंत में बीमाधारक को हाईकोर्ट से न्याय मिला।
जानिए एलआईसी की लापरवाही
एलआईसी ने चेन्नई निवासी पी सुब्रमण्यन को एक बीमा पॉलिसी जारी की। बाद में एलआईसी ने इस बीमा पॉलिसी का लीगल दस्तावेज भी जारी किया। यह बीमा पॉलिसी 2010 में जारी की गई थी। 8 साल की इस बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी पर बीमाधारक को 62.50 लाख रुपये देने का वादा इस बीमा दस्तावेज में था। इसके लिए बीमाधारक ने लगातार 8 साल तक 31153 रुपये महीने का प्रीमियम चुकाया। लेकिन अंत में एलआईसी ने बीमाधारक को बताया कि दस्तावेज में गलत जानकारी दर्ज हो गई थी, इस कारण उसे मैच्यारिटी अमाउंट पूरा नहीं मिलेगा।
क्या कहा एलआईसी ने
एलआईसी ने पॉलिसी की मैच्यारिटी डेट जुलाई 2018 को बीमाधारक को बताया कि इस बीमापॉलिसी में मैच्योरिटी अमाउंट केवल 14.92 लाख रुपये है। वहीं बीमाधारक इस पॉलिसी के लिए 31.77 लाख रुपये चुका था। एलआईसी ने कहा कि यह एक गलती थी, जो दस्तावेज जारी करते हुए हो गई थी। बीमाधारक ने अपनी तरफ से सभी तरह की दलीलें दीं, लेकिन एलआईसी नहीं मानी।
कोर्ट में गया मामला
जब एलआईसी ने बीमाधारक की सही बात नहीं सुनी तो वह मद्रास हाईकोर्ट गया। यहां पर भी एलआईसी ने वही तर्क दिया। एलआईसी का कहना था कि यह एक गलती है, जो दस्तावेज जारी करते वक्त हो गई थी। वहीं बीमाधारक का तर्क था कि उसने अपना प्रीमियम समय पर जमा किया है, ऐसे में उसे तय पैसा वापस मिलना चाहिए।
अंत में कोर्ट ने दिया निर्णय
पूरा मामला सुनने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बीमाधरक की इसमें कोई गलती नहीं है। ऐसे में एलआईसी उसे जमा किया गया पूरा प्रीमियम ब्याज के साथ लौटाए। कोर्ट ने एलआईसी को आदेश दिया कि वह बीमाधारक को जमा किया गया पूरा प्रीमियम 31.77 लाख रुपये लौटाए। इसके अलावा वह बीमाधारक को जमा किए गए प्रीमियम पर 7.5 फीसदी का ब्याज भी दे। प्रीमियम पर ब्याज की गणना उसके जमा होने वाले दिन से की जाए।
More From GoodReturns

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

RBI T-bill Auction: FD से बेहतर रिटर्न या सिर्फ सुरक्षा? जानें निवेश का सही तरीका

30 साल का सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड: क्या बैंक FD से बेहतर है यह सरकारी निवेश? जानें सही विकल्प

Vi यूजर्स ध्यान दें! ऐप में अचानक बदले अनलिमिटेड डेटा के नियम, नाइट-अनलिमिटेड और 300GB लिमिट का सच जानें

UCC under investigation का SMS मिला? सावधान, TRAI के इस नियम से बंद हो सकता है आपका सिम!

इंडिपेंडेंस डे स्पेशल FD: आज रात खत्म हो रहा है निवेश का मौका, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात



Click it and Unblock the Notifications