नई दिल्ली। भारत सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत गोल्ड बेचती है। भारत सरकार की तरफ से यह गोल्ड रिजर्व बैंक बेचता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत गोल्ड खरीदने का आज यानी 16 अक्टूबर 2020 अंतिम दिन है। आरबीआई ने इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए गोल्ड का रेट 5051 रुपये प्रति ग्राम यानी 50510 रुपये प्रति दस ग्राम का रेट तय किया है। आरबीआई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत ऑनलाइन गोल्ड खरीदने वालों को 50 रुपये प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट देती है। इसके अलावा निवेश की गई राशि पर ब्याज भी दिया जाता है। आइये जानते हैं कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत आज सोना खरीदने पर आपको यह कितना सस्ता पड़ेगा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के इतना सस्ता मिलेगा सोना
आरबीआई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए सोने का रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोशियएशन की बेवसाइट से लेती है। यहां पर गोल्ड का अंतिम अपडेट रेट 5066 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं आरबीआई 5051 रुपये प्रति ग्राम की दर से गोल्ड बेच रही है। ऐसे में अगर लोग नकद पेमेंट कर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत सोना खरीदेंगे तो उनको प्रति ग्राम 15 रुपये और प्रति 10 ग्राम 150 रुपये का फायदा होगा। लेकिन अगर आप यह सोना ऑनलाइन पेमेंट कर खरीदेंगे तो आपको यह सोना 65 रुपये प्रति ग्राम और 650 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता पड़ेगा। ऑनलाइन पेमेंट में सोना इसलिए ज्यादा सस्ता है कि सरकार इसमें 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट देती है।
ऐस तय होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का रेट
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का रेट तय करने का आधार पहले ही निश्चित किया जा चुका है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी होने के पहले के हफ्ते के आखिरी 3 कारोबारी दिवस में 999 फीसदी शुद्धता वाले गोल्ड के रेट का औसत भाव माना जाता है। इसी भाव को आरबीआई जारी करता है। इसी आधार पर इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का रेट 5,051 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है।
जानिए अन्य फायदा
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश की गई रकम पर सालाना ढाई फीसदी ब्याज मिलता है। यानी अगर किसी ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत 1 लाख रुपये का गोल्ड लिया है तो उसे हर साल ढाई फीसदी यानी 2500 रुपये वार्षिक ब्याज मिलेगा। इस ब्याज का भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाता है। यह ब्याज साल में दो बार में किया जाता है।
क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में ऑनलाइन गोल्ड खरीदने का मौका मिलता है। यह 24 कैरेट गोल्ड होता है। लेकिन अगर निवेश चाहे कि वह फिजिकल रूप से इस सोने को ले तो यह संभव नहीं होता है। जब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का समय पूरा होता है तो सरकार बाजार में 24 कैरेट भाव के हिसाब से इसका भुगतान करती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के बदले में लोग चाहें तो लोन ले सतके हैं। अगर किसी को जरूरत हो तो 5 साल बाद इसे बेच कर पैसा लिया जा सकता है।


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