Ladli Behna Yojana 32nd Installment: मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए साल 2026 की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त जारी कर दी है। इस किस्त के तहत करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1500 रुपए भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम जिले के माखननगर से एक कार्यक्रम के दौरान यह राशि ट्रांसफर की इस बार सरकार ने कुल 1800 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम महिलाओं तक पहुंचाई है।
बढ़ी हुई राशि का फायदा
लाड़ली बहना योजना की रकम में पहले ही बढ़ोतरी की जा चुकी है। शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये मिलते थे। इसके बाद यह राशि 1250 रुपए हुई और नवंबर 2025 से इसे बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया गया। अब एक महिला को पूरे साल में करीब 18 हजार रुपए की सीधी मदद मिल रही है, जो घर के खर्चों में बड़ी राहत देती है।
योजना क्यों है खास (Ladli Behna Yojana 32vi kisht Aa Gai)
इस योजना की शुरुआत साल 2023 में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के मकसद से की गई थी। सरकार चाहती है कि महिलाएं छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर न रहें। दवाइयों का खर्च हो, बच्चों की पढ़ाई हो या घर की रोजमर्रा की जरूरतें, इस रकम से महिलाओं को काफी सहारा मिलता है।
पिछली किस्त का अपडेट
इससे पहले 31वीं किस्त दिसंबर 2025 में जारी की गई थी। उस समय करीब 1.26 करोड़ महिलाओं को फायदा मिला था। इस बार कुछ दिनों की देरी जरूर हुई, लेकिन अब पैसा खाते में आने से महिलाओं में खुशी का माहौल है।
किन महिलाओं को नहीं मिला फायदा (Ladli Behna Yojana)
32वीं किस्त की लिस्ट में कुछ महिलाओं के नाम नहीं हैं। इसकी मुख्य वजह उम्र से जुड़ा नियम है। योजना के तहत सिर्फ 21 से 60 साल की उम्र वाली महिलाएं ही ऐलिजिबल होती हैं। जिन महिलाओं की उम्र तय तारीख तक 60 साल से ज्यादा हो चुकी है, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है।
ऐसे करें भुगतान की जांच
अगर आप यह जानना चाहती हैं कि आपके खाते में पैसे आए हैं या नहीं, तो इसके लिए ऑनलाइन तरीका मौजूद है। योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "आवेदन एवं भुगतान स्थिति" विकल्प चुनें। रजिस्ट्रेशन नंबर या सदस्य आईडी डालकर OTP के जरिए जानकारी देखी जा सकती है। कई बार बैंक से मैसेज भी मिल जाता है।
महिलाओं के लिए मजबूत सहारा
लाड़ली बहना योजना आज मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं बल्कि भरोसे का सहारा बन चुकी है। हर महीने तय रकम मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने फैसले खुद ले पा रही हैं। 32वीं किस्त के साथ सरकार ने फिर साफ कर दिया है कि महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा उसकी प्राथमिकता बनी हुई है।


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