Ladki Bahin Yojana: पुणे जिले में लाडकी बहिन योजना से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं इन दिनों परेशानी में हैं। करीब 2.5 लाख महिलाओं की 1000 रुपए की हर महीने आने वाली सहायता अचानक से रुक गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्थिति किसी नियम में बदलाव के कारण नहीं बनी बल्कि e-KYC प्रोसेस के दौरान हुई एक गलती की वजह से सामने आई है।

गलत जानकारी से बदला रिकॉर्ड
जांच में सामने आया है कि कई महिलाओं को सिस्टम में गलती से ऐसे परिवारों से जुड़ा दिखा दिया गया, जहां सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य बताया गया। जबकि असल में ऐसा नहीं था। जैसे ही रिकॉर्ड में यह जानकारी दर्ज हुई, सिस्टम ने अपने आप भुगतान रोक दिया। इस कारण कई महिलाओं को लगातार तीन से चार महीनों से योजना की राशि नहीं मिल पाई।
राज्यभर में दिखा असर
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि यह समस्या केवल पुणे तक सीमित नहीं है। पूरे महाराष्ट्र में करीब 24 लाख महिलाएं इसी गलती से प्रभावित हुई हैं। जब विभाग ने आंकड़ों का मिलान किया, तब पता चला कि राज्य में कुल सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारी इससे कहीं कम हैं। इसके बाद यह साफ हुआ कि रिकॉर्ड में बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हुई है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी
समस्या को ठीक करने के लिए पुणे जिले में लगभग 6,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा गया है। ये कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी इलाकों में जाकर घर-घर जांच करेंगी। वे महिलाओं से जरूरी कागजात देखेंगी, जानकारी की पुष्टि करेंगी और एक रिपोर्ट तैयार करेंगी।
यह रिपोर्ट पहले जिला स्तर पर जांची जाएगी, फिर राज्य सरकार को भेजी जाएगी। सही पाए जाने पर महिलाओं की रुकी हुई सहायता फिर से शुरू की जाएगी।
महिलाओं को प्रक्रिया लंबी लग रही
कई लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि अगर उन्हें खुद जानकारी सुधारने का मौका मिलता, तो समस्या जल्दी सुलझ सकती थी। अब उन्हें घर पर जांच का इंतजार करना होगा और फिर सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इस वजह से महिलाओं को डर है कि भुगतान मिलने में और देर हो सकती है।
फॉर्म का सवाल बना बड़ी वजह
अधिकारियों के मुताबिक, e-KYC फॉर्म में पूछा गया एक सवाल ठीक तरह से समझ में नहीं आया। सवाल की भाषा उलझाने वाली थी, जिससे कई महिलाओं ने गलत विकल्प चुन लिया। सिस्टम ने उसी जवाब के आधार पर रिकॉर्ड बदल दिया और भुगतान रोक दिया।
सरकार की ओर से कदम
राज्य सरकार ने इस गलती को स्वीकार करते हुए सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, लेकिन कुछ महिलाओं का कहना है कि वहां संपर्क करने में दिक्कत हो रही है।
लाडकी बहिन योजना में आई तकनीकी गड़बड़ी ने हजारों महिलाओं की आर्थिक मदद रोक दी है। अब विभाग और सरकार मिलकर इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। महिलाओं को उम्मीद है कि जल्द ही जांच पूरी होगी और उन्हें फिर से योजना का फायदा मिलेगा।


Click it and Unblock the Notifications