अप्रैल से बढ़ेंगे बैंक चार्ज, डेबिट कार्ड, ECS और कैश ट्रांजैक्शन पर देना होगा ज्यादा पैसा, जानें पूरा असर

अगर आपका खाता Kotak Mahindra Bank में है, तो यह खबर आपके काम की है। बैंक ने सेविंग्स और कॉर्पोरेट सैलरी अकाउंट से जुड़े कई चार्ज में बदलाव करने का फैसला किया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। बदलाव खास तौर पर ऑटो डेबिट फेल होने की फीस, डेबिट कार्ड की सालाना फीस, कैश ट्रांजैक्शन लिमिट और थर्ड पार्टी कैश जमा से जुड़े हैं।

Kotak Mahindra Bank charge

बैंक का कहना है कि ये बदलाव ग्राहकों को बेहतर सेवा देने और नियमों को साफ रखने के लिए किए गए हैं। हालांकि, कुछ मामलों में ग्राहकों का खर्च बढ़ सकता है।

ECS/NACH फेल होने पर ज्यादा चार्ज

आजकल ज्यादातर लोग EMI, बीमा प्रीमियम या म्यूचुअल फंड की किस्त ऑटो डेबिट से भरते हैं। अगर आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और भुगतान फेल हो जाता है, तो अब आपको ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है।

नई व्यवस्था के तहत पहली बार डेबिट फेल होने पर 500 रुपए का चार्ज लगेगा। अगर दोबारा या उससे अधिक बार फेल होता है, तो हर बार 550 रुपये वसूले जाएंगे। पहले हर बार 500 रुपए ही लगते थे। यानी अब बार-बार गलती करने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए ग्राहकों को सलाह है कि ऑटो डेबिट की तारीख से पहले खाते में जरूरी रकम जरूर रखें।

डेबिट कार्ड की सालाना फीस में इजाफा

बैंक के Pay Shop More डेबिट कार्ड की फीस भी बढ़ाई गई है। अब इस कार्ड के लिए 285 रुपए सालाना देने होंगे, जबकि पहले यह 259 रुपए थी। बढ़ोतरी ज्यादा नहीं है, लेकिन यह आपके सालाना बैंक खर्च में जुड़ जाएगी।

कैश ट्रांजैक्शन पर नई सीमा

बैंक के कुछ खास प्रोग्राम्स जैसे प्रीमियम या हाई वैल्यू अकाउंट में ग्राहकों को कुछ अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन अगर कोई ग्राहक तय Relationship Value (RV) को बनाए नहीं रख पाता, तो उस पर नई कैश लिमिट लागू होगी।

ऐसे में महीने में सिर्फ 3 मुफ्त कैश ट्रांजैक्शन की अनुमति होगी। इसके अलावा एक महीने में अधिकतम 1 लाख रुपये तक ही कैश जमा या निकासी की जा सकेगी। अगर यह सीमा पार होती है, तो तय चार्ज के अनुसार फीस देनी होगी।

उदाहरण से समझें

मान लीजिए किसी ग्राहक को अपने प्रोग्राम के तहत एक तय न्यूनतम बैलेंस रखना होता है। अगर किसी महीने उसका औसत बैलेंस तय सीमा से कम हो जाता है, तो अगले महीने से सामान्य कैश लिमिट लागू हो जाएगी। इस स्थिति में अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर चार्ज लिया जा सकता है और उस पर GST भी जोड़ा जाएगा।

थर्ड पार्टी कैश जमा पर नियम

अगर आप किसी और के खाते में कैश जमा करते हैं, तो अब उसकी भी सीमा तय कर दी गई है। हर महीने 25,000 रुपये तक की थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेगी।

इससे ज्यादा होने पर 1,000 रुपए पर 5 रुपए के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। हालांकि, प्रति ट्रांजैक्शन कम से कम 150 रुपए देना जरूरी होगा।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

इन बदलावों के बाद ग्राहकों को अपनी बैंकिंग आदतों में थोड़ा बदलाव करना पड़ सकता है। ऑटो डेबिट से पहले बैलेंस चेक करना, कैश ट्रांजैक्शन की सीमा का ध्यान रखना और तय RV बनाए रखना फायदेमंद रहेगा।

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये नियम कुछ ग्राहकों के लिए अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकते हैं। बेहतर होगा कि समय रहते जानकारी लेकर अपनी योजना तैयार कर लें, ताकि अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके।

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