नई दिल्ली। कोनोना काल में कई दिक्कतों के बीच सोना और चांदी में तेजी से लोगों को राहत मिल रही है। जिन लोगों सोना खरीद रखा है उनकी वैल्यू काफी तेजी से बढ़ रही है। सोना देखते देखते 50 हजार रुपये प्रति दस ग्राम का स्तर पार कर चुका है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार से जो संकेत मिल रहे हैं, उससे लगता है कि अभी सोने में और तेजी आ सकती है। ऐसे में जानकारों की राय है कि वैश्विक बाजार में जो सोना अभी 1981 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चल रहा है, वह जल्द ही 2000 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू सकता है। विश्लेषक का कहना है कि 2020 में ही सोना 2020 डॉलर प्रति औंस के स्तर को तोड़कर इतिहास बना सकता है।
ये है सोने के रेट पर जानकारों की राय
एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता के अनुसार अमेरिकी करेंसी डॉलर में कमजोरी को देखते हुए सोना वैश्विक बाजार में 2000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़कर इतिहास बना सकता है। अनुज गुप्ता के अनुसार दीपावली तक एमसीएक्स पर सोना 54,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब आ सकता है।
चांदी का भी बढ़ रहा रेट
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने के साथ ही चांदी भी लगातार नया रिकॉर्ड बना रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी का सितंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 919 रुपये यानी 1.40 फीसदी की तेजी के साथ 66,447 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा है। वहीं इससे पहले चांदी का भाव एमसीएक्स पर कारोबार के दौरान 67,560 रुपये प्रति किलो तक उछला था। जेम एंड ज्वेलरी ट्रेड काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट शांतिभाई पटेल के अनुसार चांदी में आई तेजी से इसकी जेवराती मांग जबरदस्त बनी रह सकती है, इसलिए पिछले रिकॉर्ड स्तर को चांदी छू सकती है।
ये है चांदी का उच्चतम भाव
बता दें कि चांदी का भाव एमसीएक्स पर 25 अप्रैल 2011 को रिकॉर्ड 73,600 रुपये प्रति किलो तक उछला था, जबकि हाजिर बाजार में चांदी का भाव 2011 में 77,000 रुपये प्रति किलो तक उछला था। बाजार विश्लेषक बताते हैं कि कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के चलते चांदी की खनन बाधित होने और दुनिया के विभिन्न देशों में औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर लौटने से चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ने की उम्मीदों से इसकी कीमतों में लगातार तेजी का रुख बना रहेगा।


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