नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपने करोड़ों खाताधारकों से तगड़ा चार्ज वसूल रहा है। बैंक पैसे जमा करने से लेकर निकालने तक पर शुल्क लगाता है। एक तय लिमिट के बाद अगर किसी ने बैंक में अपने खाते में पैसा जमा किए या निकाले तो यह शुल्क देना पड़ता है। इसके अलावा एसबीआई ने अपने ग्राहकों पर पेनाल्टी भी लगाता है। यह पेनाल्टी मामूली सी चूकों पर वसूली जाती है। ऐसे में अगर आपका भी बैंक खाता एसबीआई में तो सावधान रहें। क्योंकि एसबीआई पेनाल्टी वसूलने में देरी नहीं करता है। आइये जानते हैं कि एसबीआई कितनी फीस और पेनालटी वसूलता है।
सबसे पहले जानें पैसे जमा करने पर कितनी देनी होगी पेनाल्टी
एसबीआई 1 अक्टूबर 2019 से पैसे जमा करने पर पेनाल्टी वसूल कर रहा है। बैंक बचत खाते में महीने में केवल 3 बार ही पैसे फ्री में जमा करने की छूट देता है। अगर चौथी बार आपने पैसे जमा किए तो आप पर चार्ज लगता है। यह चार्ज भी 50 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन यानी हर जमा पर लगाया जाता है। इसके अलावा इस 50 रुपये पर आपको जीएसटी भी देना होगा।
अन्य ब्रांच में पैसे जमा करने के नियम भी बदले हैं
इसके अलावा एसबीआई ने होम ब्रांच के अलावा अगर अन्य ब्रांच में पैसे जमा करने के नियम भी बदले हैं। 1 अक्टूबर 2019 से लोग होम ब्रांच के बाहर की ब्रांच में 1 दिन में अपने खाते में 2 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं सकते हैं। अगर ऐसा करते है तो उनको बैंक मैनेजर से विशेष इजाजत लेनी होती है।
अब जानिए पैसे निकालने पर कितनी लगती है पेनाल्टी
अगर आपके बैंक खाते में औसत मंथली बैलेंस 25000 रुपये तक है, तो आप केवल 3 बार ही फ्री में खाते से पैसे निकाल सकते हैं। वहीं अगर आपके एसबीआई बैक खाते में औसत मंथली बैलेंस 25000 रुपये से लेकर 50000 रुपये तक है, तो आप महीने में 10 बार खाते से फ्री में पैसा निकाल सकते हैं। वहीं 50000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक एवरेज बैलेंस होने पर आप 15 बार फ्री में पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके एसबीआई बैंक खाते में 1 लाख रुपये से ज्यादा का एवरेज बैलेंस है, तो आप चाहे जितनी बार चाहें पैसे निकाल सकते हैं।
अगर निकाला ज्यादा बार पैसा तो देना चार्ज
एसबीआई के अनुसार 1 अक्टूबर 2019 के बाद से अगर किसी ने ऊपर बताई सीमा से ज्यादा बार खाते से पैसा निकाला तो 50 रुपये का चार्ज लगाया जा रहा है। वहीं इस चार्ज पर जीएसटी भी आपको ही देना होगा।
अब जान लीजिए मिनिमम बैलेंस के नियम
एसबीआई ने अपनी शहरी क्षेत्र की बैंक शाखाओं के लिए 3000 रुपये एवरेज मंथली बैलेंस की राशि तय की है। लेकिन अगर आपका एसबीआई में शहरी क्षेत्र में बैंक खाता है और आपका मिनिमम मंथली बैलेंस आधे से कम यानी 1500 रुपये से नीचे जाता है तो आपको 10 रुपये पेनाल्टी और साथ में जीएसटी देना होगा। वहीं अगर आपका मिनिमम मंथली बैलेंस 50 फीसदी से 75 फीसदी के बीच रहता है तो आपको 12 रुपये पेनाल्टी के अलावा जीएसटी देना होगा। इसके अलावा अगर आपका मिनिमम मंथली बैलेंस 75 फीसदी के नीचे चला जाता है तो आपको 15 रुपये पेनाल्टी के साथ जीएसटी देना होगा।
एसबीआई की अर्द्ध शहरी क्षेत्र की शाखाओं के लिए क्या हैं नियम
एसबीआई ने अपनी अर्द्ध शहरी क्षेत्र की शाखाओं के लिए भी एवरेज बैलेंस के बारे में नियम बदल दिया है। 1 अक्टूबर 2019 से अगर आपका बैंक खाता एसबीआई के अर्द्ध शहरी क्षेत्र वाली ब्रांच में तो जानिए आप पर कौन सा नियम लागू है। एसबीआई अर्द्ध शहरी क्षेत्र की ब्रांच में 2000 रुपये मिनिमम बैलेंस की शर्त लागू है। लेकिन अगर आप यह मिनिमम एवरेज बैलेंस नहीं रख पाए तो आप पर चार्ज लगाया जा रहा है। अगर आपका यह मिनिमम मंथली बैलेंस कम होकर 50 फीसदी तक है, तो आप पर 7.50 रुपये की पेनाल्टी लग रही है। वहीं इस पेनाल्टी पर जीएसटी भी आपको ही देना होगा। अगर आपका मिनिमम मंथली बैलेंस 50 फीसदी से लेकर 75 फीसदी तक कम है, तो आपको 10 रुपये पेनाल्टी देनी पड़ रही है। इस पर जीएसटी अलग से देना पड़ता है। लेकिन अगर आपका एवरेज बैलेंस इससे भी कम रहता है, तो आप पर 12 रुपये की पेनाल्टी लगाई जा रही है। साथ ही इस जीएसटी भी वसूला जाता है।
जानिए ग्रामीण क्षेत्रों में क्या है पेनाल्टी
अगर आपका एसबीआई बैंक अकाउंट किसी ऐसी शाखा में है, जो ग्रामीण क्षेत्र में आती है, तो इस पर पेनाल्टी वसूली जा रही है। ऐसी शाखाओं में जमाकर्ता पर 1000 रुपये मिनिमम मंथली बैलेंस रखने की शर्त है। अगर आपके एसबीआई बैंक खाते में इतना मिनिमम मंथली बैलेंस नहीं रहता है, तो आप पर पेनाल्टी लगाई जा रही है। अगर आपके खाते में मिनिमम मंथली बैलेंस 50 फीसदी तक कम रहता है, तो आप पर 5 रुपये की पेनाल्टी लग रही है। इस पर जीएसटी अलग से देना पड़ता है। वहीं अगर यह मिनिमम मंथली बैलेंस 50 फीसदी से 75 फीसदी तक कम हो जाता है, तो आप से 7.5 रुपये की पेनाल्टी ली जा रही है। इस पर जीएसटी अलग से देना होगा। वहीं अगर मिनिमम मंथली बैलेंस 75 फीसदी से भी नीचे चला जाता है, तो आपको 10 रुपये पेनाल्टी और जीएसटी लिया जा रहा है।
फंड ट्रांसफर पर देना पड़ रहा है चार्ज
एसबीआई नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर यानी निफ्ट (एनईएफटी) पर भी चार्ज वसूलता है। हालांकि इसका ऑनलाइन इस्तेमाल पूरी तरह से फ्री है। लेकिन अगर आप अपनी एसबीआई की शाखा में जाकर इसका इस्तेमाल करते हैं, तो आप पर चार्ज लगाया जाएगा। यह निफ्ट ट्रांसफर चार्ज इस प्रकार होगा।
-10000 रुपये तक 2 रुपये और जीएसटी प्रति ट्रांजेक्शन
-10 हजार से 1 लाख रुपये तक 4 रुपये और जीएसटी प्रति ट्रांजेक्शन
-1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक 12 रुपये और जीएसटी प्रति ट्रांजेक्शन
-वहीं 2 लाख रुपये से ज्यादा पर 20 रुपये और जीएसटी प्रति ट्रांजेक्शन
आरटीजीएस के चार्ज भी जान लीजिए
एसबीआई के आरटीजीएस के चार्ज भी साथ में जान लें। अगर आप 2 लाख रुपये से ज्यादा 5 लाख रुपये तक आरटीजीएस से पैसा ट्रांसफर करते हैं तो आप से 20 रुपये और जीएसटी लिया जाएगा। वहीं अगर आप 5 लाख रुपये से ज्यादा पैसा आरटीजीएस से ट्रांसफर करते हैं तो एसबीआई आपसे 40 रुपये और जीएसटी लेगा।
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