नई दिल्ली। देश में अभी भी पोस्ट ऑफिस सबसे अच्छा ब्याज दे रहा है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस देश में अकेली ऐसी जगह हैं, जहां जमा पैसा पूरी तरह से सुरक्षित होता है। पोस्ट ऑफिस में जमा पैसों की गारंटी भारत सरकार देती है। वहीं बैंकों में इस वक्त एक तो जमा पैसे पर ब्याज भी अच्छा नहीं मिल रहा है, वहीं जमा पैसा पूरी तरह से सुरक्षित भी नहीं है। आरबीआई के नियमों के अनुसार मूलधन और ब्याज मिलाकर बैंकों में जमा केवल 5 लाख रुपये ही सुरक्षित होता है।
जानिए ब्याज दरों में कितना अंतर
पोस्ट ऑफिस और बैंक की ब्याज दरों में बेसिक से ही अंतर है। जहां इस वक्त पोस्ट ऑफिस में न्यूनतम 4 फीसदी फीसदी ब्याज दिया जा रहा है, वहीं देश के ज्यादातर बड़े बैकों की ब्याज दरें ढाई फीसदी के आसपास से शुरू हो रही हैं। यानी पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में ही जितना ब्याज मिल रहा है, उतना ब्याज तो कई बैंक 6 माह तक की एफडी पर भी नहीं दे रही हैं।
आइये पहले जानते हैं देश के प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें।
ये हैं प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें
पहले जानें 4 बैंकों की ब्याज दरें
-भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीर्आ 2.90 फीसदी से लेकर 5.40 फीसदी तक ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को यह 3.40 फीसदी से लेकर 6.20 फीसदी तक ब्याज दे रहा है।
-आईसीआईसीआई बैंक 2.50 फीसदी से लेकर 5.35 फीसदी तक ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को यह 3.00 फीसदी से लेकर 5.85 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
-एचडीएफसी बैंक 2.50 फीसदी से लेकर 5.50 फीसदी तक ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को यह 3.00 फीसदी से लेकर 6.25 फीसदी तक ब्याज दे रहा है।
-पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी 3.00 फीसदी से लेकर 5.30 फीसदी तक ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को यह 3.75 फीसदी से लेकर 6.05 फीसदी तक ब्याज दे रहा है।
अब जानें 3 और बैंकों की ब्याज दरें
-केनरा बैंक 3.00 फीसदी से लेकर 5.30 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को 3.00 फीसदी से लेकर 5.80 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
-एक्सिस बैंक 2.50 फीसदी से लेकर 5.50 फीसदी तक तक का ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को 2.50 फीसदी से लेकर 6.60 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
-बैंक ऑफ बड़ौदा 2.90 फीसदी से लेकर 5.30 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को 3.40 फीसदी से लेकर 6.30 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
अब जानें 3 और बैंकों की ब्याज दरें
-आईडीएफसी बैंक 3.00 फीसदी से लेकर 7.00 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को 4.00 फीसदी से लेकर 7.50 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
-बैंक ऑफ इंडिया 3.25 फीसदी से लेकर 5.25 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को 3.75 फीसदी से लेकर 5.75 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
-कॉर्पोरेशन बैंक 3.50 फीसदी से लेकर 5.45 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। वहीं यह वरिष्ठ नागरिकों को यह 4.00 फीसदी से लेकर 5.95 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है।
अब जानते हैं पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं की ब्याज दरें
पोस्ट ऑफिस के बचत खाता में इस वक्त 4 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस रिकारिंग डिपॉजिट यानी आरडी में इस वक्त 5.8 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना यानी एमआईएस पर इस वक्त 6.6 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस एफडी की ब्याज दरें
पोस्ट ऑफिस की 1 वर्षीय टाइम डिपॉजिट यानी एफडी पर इस वक्त 5.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस की 2 वर्षीय टाइम डिपॉजिट यानी एफडी पर इस वक्त 5.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस की 3 वर्षीय टाइम डिपॉजिट यानी एफडी पर इस वक्त 5.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस की 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट यानी एफडी पर इस वक्त 6.7 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस की अन्य जमा योजनाओं की ब्याज दरें
किसान विकास पत्र यानी केवीपी पर इस वक्त 6.9 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड यानी पीपीएफ पर इस वक्त 7.1 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
सुकन्या समृद्धि योजना पर इस वक्त 7.6 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
राष्ट्रिय बचत सर्टिफिकेट यानी एनएससी पर इस वक्त 6.8 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर इस वक्त 7.4 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
हर तीन माह में होती है पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा
पोस्ट ऑफिस की यह ब्याज दरें 1 जुलाई 2020 से लागू हैं। ध्यान रहे कि पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरों की हर 3 माह पर समीक्षा होती है। बाद में इसके हिसाब से इनमें बदलाव किया जा सकता है। ब्याज दरों के बारे में अगली घोषणा 1 अक्टूबर 2020 को होगी। उस दिन से ब्याज यही रह सकती हैं, या यह कम या ज्यादा भी हो सकती हैं।
यह जानना भी जरूरी
आप जिस भी तिमाही में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना, राष्ट्रिय बचत सर्टिफिकेट (एनएससी) और किसान पत्र (केवीपी) में निवेश करेंगे, तो आपको उस समय मिलने वाली ब्याज दर पूरी योजना अवधि के दौरान मिलती रहेगी।
हालाँकि, पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर सरकार की बदलती रहती है, और यह उसी अनुसार लागू मानी जाती है। यानी आपके इस योजना में निवेश पर इसका असर पड़ता है।
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