अगर आप इन्वेस्टमेंट करने का प्लान कर रहे हैं और मन में ये दुविधा है कि कैसे और कहां करें इन्वेस्ट। तो ये खबर आपके बड़े काम की है।
नई दिल्ली: अगर आप इन्वेस्टमेंट करने का प्लान कर रहे हैं और मन में ये दुविधा है कि कैसे और कहां करें इन्वेस्ट। तो ये खबर आपके बड़े काम की है। बता दें कि एलआईसी की एक स्कीम है, जहां निवेश कर आप बढ़िया मुनाफ़ा कमा सकते हैं।

अगर आपकी कमाई बहुत ही कम है फिर भी निवेश करने का प्लान कर रहें है तो भी आपके लिए इससे अच्छा अवसर नहीं मिलेगा। हम आपको एलआईसी के एक ऐसे पॉलिसी में निवेश करने की सलाह देंगे जिसके जरिए आपको काफी फायदे मिलेंगे।
एलआईसी सबसे ज्यादा भरोसेमंद
अगर आपने एलआईसी के किसी भी स्कीम में निवेश किया है तो आप इस बात से बखुबी अवगत होंगे कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) सबसे ज्यादा भरोसेमंद संस्था है। इसकी पॉलिसी में निवेश हर लिहाज से सुरक्षित होता है। सरकारी संस्था होने की वजह से यहां पैसा डूब नहीं सकता। एलआईसी पॉलिसी में निवेश करना लोगों की पहली पसंद है। कंपनी टर्म पॉलिसी, लाइफ इंश्योरेंस, पेंशन, एंडोमेंट आदि प्लान ऑफर करती है। इसकी पॉलिसी में निवेश करने से एक्सीडेंट से लेकर किसी तरह के खतरे में जहां बीमा की सुविधा मिलती है। वहीं मेच्योरिटी पर रिटर्न भी अच्छा-खासा मिलता है। यही वजह है कि देश में ज्यादातर परिवारों ने लाइफ इन्श्योरेंस की कोई न कोई पॉलिसी जरूर ले रखी है।
ऑफलाइन और ऑनलाइन खरीद सकते बीमा
एलआईसी निवेश प्लस सिंगल प्रीमियम, नॉन पार्टिसिपेटिंग, यूनिट-लिंक्ड और व्यक्तिगत जीवन बीमा है, जो पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमा के साथ निवेश का भी विकल्प देता है। आप इस योजना को ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। पॉलिसी लेने वाले को बेसिक सम एश्योर्ड चुनने की भी सुविधा है। सम एश्योर्ड के विकल्प सिंगल प्रीमियम के 1.25 गुना या सिंगल प्रीमियम के 10 गुना हैं।
जान लें क्या है एलिजिबिलिटी
एलआईसी निवेश प्लस स्कीम के लिए न्यूनतम प्रवेश आयु 90 दिन से 70 साल है। वहीं पॉलिसी का टेन्योर 10 से 35 साल है और लॉक-इन पीरियड 5 साल है। प्रीमियम पर मिनिमम लिमिट 1 लाख रुपये है, जबकि मैक्सिमम लिमिट नहीं है। अधिकतम मैच्योरिटी आयु 85 साल की है। यदि पॉलिसीहोल्डर पॉलिसी टर्म तक जिंदा रहता है, तो उसे मैच्योरिटी बेनिफिट प्राप्त होता है, जो यूनिट फंड मूल्य के बराबर होता है। पॉलिसी अवधि समाप्त होने के बाद यह देय होता है। कंपनी फ्री-लुक पीरियड अपने ग्राहक को देती है। इस दौरान ग्राहक पॉलिसी को वापस कर सकते हैं।
बीमाधारक की मृत्यु के बाद नॉमिनी होगा हकदार
बता दें कि यदि कंपनी से पॉलिसी सीधे खरीदी जाती है तो 15 दिन और ऑनलाइन खरीदी जाती है तो 30 दिन की फ्री-लुक पीरियड लागू होती है। यदि पॉलिसी अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी डेथ बेनिफिट प्राप्त करने का हकदार है। यदि पॉलिसीधारक जोखिम शुरू होने की तारीख से पहले मर जाता है तो यूनिट फंड वैल्यू के बराबर राशि देय होती है। वहीं एलआईसी निवेश प्लस प्लान में कंपनी ग्राहकों को 6वीं पॉलिसी वर्ष के बाद आंशिक निकासी करने की अनुमति देती है। नाबालिगों के मामले में 18 वर्ष की आयु के बाद आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है।
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