Leave Travel Allowance: लीव ट्रैवेल अलाउंस यानी (एलटीए) आपको ऐसी सुविधा देता है, जिससे आप टैक्स सेविंग कर सकते हैं। एलटीए कंपनियों की तरफ से छुट्टियों के दौरान अपने कर्मचारीयों और उसके परिवार के देश में कहीं बाहर घूमने जाने पर हुए खर्च की भरपाई करता है। एलटीए के तौर पर मिलने वाले पैसे टैक्स फ्री होते हैं। वैसे अगर आपसे कोई बोले कि आपको बाहर घूमने जाने पर और छुट्टी बिताने पर आपका टैक्स नहीं कटेगा तो यह कितना अजीब लेकिन सुनने में अच्छा लगेगा। लेकिन आपको इस बात पर जल्दी विश्वास नहीं होगा। आज हम आपको ऐसे ही जानकारियां देने जा रहे हैं और स्पेशलिस्ट के द्वारा लीव ट्रैवल एलाउंस को इनकम टैक्स बचाने का एक शानदार तरीका माना जाता है।
यह तरीका खास तौर से उन लोगों के लिए बेहतरीन है, जो नौकरी पेशा हैं। इसे लीव ट्रैवल एलाउंस कहते हैं। ये आपको कंपनी की तरफ से दिया जाता है। अगर आप इस बिल में लगाते हैं तो आपको टैक्स एक्सेंप्शन यानि टैक्स से छूट मिलती है। तो अगर आपने अब तक लीव ट्रैवल अलाउंस का इस्तेमाल करके टैक्स में बचत नहीं की है तो इस बार आप यह तरीका आजमा सकते हैं।

हालांकि लीव ट्रैवल एलाउंस के लिए अप्लाई करते वक्त आपको कुछ शर्तों का ध्यान भी रखना पड़ता है। आपको बताते चले की लीव ट्रैवल एलाउंस के जरिए कंपनी के कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से छुट्टियों के दौरान देश में या कहीं बाहर घूमने जाने के लिए दिया गया खर्च होता है।
लीव ट्रैवेल अलाउंस की सबसे खास बात यह होती है कि इसपर इनकम टैक्स नहीं लगता है और यह टैक्स फ्री होता है।इनकम टैक्स कानून 1961 की धारा 10(5) नियम 2बी के साथ, ट्रैवल एलाउंस पर मिलने वाली छूट और उसकी शर्तों के बारे में भी बताता है।
आपको बताते चलें कि अगर किसी को एलटीए मिल रहा है तो उसे कुछ स्पेशल शर्तों के साथ ही उस पर टैक्स से छूट मिलती है। आपको बताते चले की सिर्फ नौकरीपेशा लोगों को ही लीव ट्रैवल एलाउंस का फायदा मिलता है। तो अगर आप किसी कंपनी के द्वारा एम्पलाई नहीं किए गए हैं, तो आपको लीव ट्रैवल एलाउंस पर किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। इसके साथ ही लीव ट्रैवल एलाउंस आपकी पोजीशन और एचआरडी डिपार्टमेंट की पॉलिसी बट भी डिपेंड करती है।
आपको बताते चलें की लीव ट्रैवल एलाउंस के तहत आप सिर्फ उन्हीं पैसों पर टैक्स की छूट पा सकते हैं, जिसे यात्रा के दौरान खर्च किया गया है। इसमें आप कंपनी की तरफ से दी गई ट्रैवल एलाउंस की पूरी रकम या फिर खर्च किए गए पैसे की रसीद लगा सकते हैं।
अगर आप घूमने जा रहे हैं तो लीव ट्रैवल एलाउंस के रूप में सिर्फ वही पैसे दिए जाते हैं, जो घूमने के वक्त किराए के रूप में खर्च होते हैं। इनमें आपका होटल और खाने-पीने का खर्चा नहीं जुड़ा होता है।
अगर आपका परिवार बिना आपके यात्रा करने जाता है तो भी ट्रैवल एलाउंस का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा ट्रैवल एलाउंस तभी मान्य होता है जब आप यात्रा के दौरान ऑफिस से छुट्टियां पर हो। यानी अगर आप बिना ऑफिस से छुट्टी लिए यात्रा पर निकल गए हैं तो एलटीए का फायदा नहीं मिलता है। वहीं बिजनेस ट्रिप के दौरान अगर आप किसी फैमिली मेंबर को ले जाते हैं तो भी एलटीए का फायदा नहीं मिलता है।
इसके अलावा ट्रैवल एलाउंस के अंतर्गत सिर्फ दो बच्चे ही आते हैं और उनकी भी जन्मतिथि 1 अक्टूबर 1998 या उसके बाद की होनी चाहिए। अगर बच्चों की उम्र इससे ज्यादा है तो उनके ऊपर भी लीव ट्रैवल एलाउंस लागू नहीं होता है।
बताते चलें कि आप 4 साल के कैलेंडर ईयर ब्लॉक में सिर्फ दो बार लीव ट्रैवल एलाउंस क्लेम कर सकते हैं। अगर पती पत्नी दोनों नौकरी करते हैं, तो कपल हर साल यात्रा कर सकते हैं और हर दूसरे साल उन्हें लीव ट्रैवल एलाउंस पर टैक्स से छूट मिल सकती है।
अगर आप एलटीए क्लेम करना चाहते हैं तो आपको कुछ दस्तावेज जमा करने पड़ेंगे। इनमें अगर आप प्लेन या फिर ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं तो टिकट को सुरक्षित रखना होगा। इसके अलावा बाहर घूमने जाते वक्त अगर आप कार या कोई गाड़ी बुक कर रहे हैं तो उसे भी लीव ट्रैवल एलाउंस के अंतर्गत ही माना जाता है। अल्लाह की इसके लिए आपको रेंटल एजेंसी की रसीद या फिर इनवॉइस देना पड़ता है।


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