नई दिल्ली, जनवरी 6। अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड, भारत की सबसे बड़ी मोबाइल फोन कंपनी, अपने अब तक के सबसे बड़ी रुपये बॉन्ड इश्यू की योजना बना रही है। दरअसल कंपनी का इरादा मार्केट में हिस्सेदारी बढ़ाने का है। कंपनी 6.20 फीसदी के कूपन पर पांच साल में मैच्योर होने वाले 50 अरब रुपये (671 मिलियन डॉलर) का बॉन्ड इश्यू लाने पर विचार कर रही है। किसी कंपनी को जब किसी कारण से फंड की जरूरत होती है तो वे बॉन्ड, डिबेंचर या इसी तरह के अन्य इंस्ट्रूमेंट्स जारी करके पैसा जुटाती है। अब इसी तरह की जरूरत जियो को है।
निवेशकों के लिए मौका
इस तरह के बॉन्ड इश्यू में निवेशकों के पास पैसा लगाने का मौका होता है। जियो के बॉन्ड इश्यू में 6.20 फीसदी कूपन रेट या ब्याज दर होगी। निवेशक इस रेट पर रिटर्न कमा सकेंगे। जियो ने आखिरी बार जुलाई 2018 में लोकल-करेंसी के बॉन्ड के पेश किए थे। अब इसकी योजना वित्तीय देनदारियों को रीफाइनेंस करने के लिए फिर से बॉन्ड इश्यू का इस्तेमाल करना है।
2016 में वायरलेस मार्केट में एंट्री
जियो ने 2016 में मुफ्त कॉल और बहुत अधिक सस्ते डेटा के साथ वायरलेस बाजार में एंट्री की थी। इसके साथ ही देश देश में एक टैरिफ युद्ध शुरू हो गया था। फिर धीरे-धीरे टेलीकॉम सेक्टर एक दर्जन कंपनियों से केवल तीन निजी ऑपरेटरों तक सीमित हो गया। बाकी कंपनियां सेक्टर से बाहर निकल गईं, विलय हो गईं या दिवालिया हो गईं।
टॉप रेटेड फर्म
टॉप रेटेड फर्म रिलायंस जियो एक बार फिर से डेब्ट बाजार में आ रही है। इस बीच देश का केंद्रीय बैंक बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त लिक्विडिटी निकाल रहा है, क्योंकि यह पॉलिसी को सामान्य कर रहा है। इससे एएए ग्रेडेड पांच साल के कॉर्पोरेट बॉन्ड पर उधार लेने की लागत नौ महीने के उच्च स्तर पर पहुंचेगी। जियो की पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने संभावित मल्टी-ट्रांच डॉलर बॉन्ड की पेशकश के लिए फिक्स्ड इनकम इंवेस्टर कॉल की एक सीरीज की व्यवस्था करने के लिए बैंकों को भी हायर किया है।
5जी सेवाएं शुरू करने की तैयारी
मार्च में करीब 8 अरब डॉलर की एयरवेव खरीदने के बाद जियो इस साल भारत में 5जी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह लेटेस्ट स्पेक्ट्रम नीलामियों में टॉप बोलीदाता रही, जो इसके अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए रखने के इरादे को रेखांकित करता है।
एक और निवेश का मौका
जियो की तरह एक और कंपनी निवेश का मौका लेकर आई है। धनी लोन्स एंड सर्विसेज, जिसे पहले इंडियाबुल्स कंज्यूमर फाइनेंस कहा जाता था, निवेश के लिए सिक्योर्ड एनसीडी (नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर) लेकर आई है। धनी लोन के एनसीडी इश्यू का बेस इश्यू साइज 1500 करोड़ रु का है, जबकि ओवर-सब्सक्रिप्शन की लिमिट भी 1500 करोड़ रु है। कुल मिलाकर इसका इश्यू 3000 करोड़ रु का है। ये इश्यू 27 जनवरी तक खुला रहेगा। कंपनी धनी सर्विसेज लिमिटेड की एक नॉन-डिपॉडिट लेने वाली 100 फीसदी सहायक कंपनी है। इस इश्यू में कम से कम निवेश राशि 10000 रु है। ये एनसीडी 36 महीनों तक की अवधि के लिए हैं। इनमें निवेशकों को 11 फीसदी तक सालाना रिटर्न मिलेगा। इन एनसीडी को आईवीआर ने एए/स्थिर आउटलुक रेटिंग दी है।


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