Jio Financial vs Suzlon: रिलायंस ग्रुप से डीमर्ज होकर बनी कंपनी जियो फाइनेंशियल की लिस्टिंग का चौथा दिन है। वहीं जियो फाइनेंशियल के शेयर में आज लगातार चौथे दिन 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है। वहीं सुजलॉन एक छोटी कंपनी है, लेकिन निवेशकों को लगातार कमाई करा रही है।
आइये पहले जानते हैं कि जियो फाइनेंशियल कितना नुकसान करा चुकी है, फिर जानेंगे कि सुजलॉन एनर्जी के शेयर ने कितनी कमाई कराई है।

जहां तक जियो फाइनेंशियल की बात है तो यह शेयर 21 अगस्त 2023 को एनएसई पर 262 रुपये और बीएसई पर 265 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुआ था। इस शेयर पर स्टॉक एक्सचेंजों पर 5 फीसदी का सर्किट लगाया गया है। यानी यह शेयर एक दिन में 5 फीसदी से ज्यादा ऊपर या नीचे नहीं जा सकता है।
वहीं आज जियो फाइनेंशियल का शेयर एनएसई पर 213.45 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इसमें एनएसई पर 11.20 रुपये की गिरावट है। वहीं जियो फाइनेंशियल का शेयर बीएसई पर 215.90 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 11.35 रुपये की गिरावट है। अगर लिस्टिंग दाम से देखा जाए तो जियो फाइनेंशियल का शेयर एनएसई में 48.55 रुपये और बीएसई पर 49.10 रुपये का नुकसान करा चुका है।
वहीं सुजलॉन एजर्जी के शयेर में कल यानी 23 अगस्त को अपर सर्किट लगा था। आज भी सुजलॉन का शेयर लगभग अपर सर्किट के पास तक चला गया था। इस वक्त सुजलॉन एजर्नी का शेयर अपने 6 माह के हाई के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
सुजलॉन एजर्नी का शेयर का श्योर 1 माह में करीब 10.50 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है। वहीं 1 साल में यह शेयर 152.57 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है। इसके अलावा सुजलॉन का शेयर 3 साल में करीब 459.49 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है।
यहां पर जियो फाइनेंशियल और सुजलॉन के शेयरों की तुलना इसलिए की गई है कि सुजलॉन एनर्जी एक एनर्जी कंपनी है और जियो फाइनेंशियल की पेरेंट कंपनी भी एक इनर्जी कंपनी है। इसके अलावा जियो फाइनेंशियल की ट्रेजरी में करीब 6 फीसदी शेयर भी रिलायंस के हैं, जिससे इस कंपनी की वैल्यू ज्यादा आंकी जा रही है।


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