Income Tax on Gratuity: क्या आपको ग्रेच्युटी मिली है या मिलने वाली है? सोच रहे हैं कि इस पर आपका टैक्स क्या होगा? भारत में, ग्रेच्युटी पर लगने वाले टैक्स की गणना आयकर अधिनियम, 1961 के अलग-अलग प्रावधानों के अनुसार की जाती है। इसकी टैक्स लायबिलिटी आपके रोजगार के प्रकार और इसे प्राप्त करने की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

ग्रेच्युटी क्या है?
ग्रेच्युटी एकमुश्त राशि है जो नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को दीर्घकालिक, निरंतर सेवा के लिए प्रशंसा स्वरूप दी जाती है। यह एक वित्तीय सुरक्षा के रूप में काम करती है, जो आमतौर पर एक ही संगठन में पांच या अधिक वर्षों की नौकरी के बाद देय होती है।
क्या भारत में ग्रेच्युटी टैक्सेबल है?
हां, भारत में ग्रेच्युटी टैक्सेबल है। आपके रोजगार के प्रकार के आधार पर अलग-अलग होता है। आयकर अधिनियम की धारा 10(10) के तहत, सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए छूट अलग-अलग है।
- सरकारी कर्मचारी- पूरी ग्रेच्युटी राशि टैक्स फ्री है
- अधिनियम के अंतर्गत आने वाले निजी क्षेत्र के कर्मचारी- अधिकतम ग्रेच्युटी छूट ₹20,00,000 तक
- अधिनियम के अंतर्गत शामिल नहीं निजी क्षेत्र के कर्मचारी- ग्रेच्युटी छूट सीमा ₹10,00,000 तक सीमित
ग्रेच्युटी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ है और आयकर अधिनियम, 1961 के तहत ग्रेच्युटी से संबंधित कर नियमों को समझने से आपको इसका अधिकतम लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।
ग्रेच्युटी पाने के लिए कौन पात्र नहीं है?
सभी कर्मचारी जिन्होंने एक ही नियोक्ता के अधीन 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, चाहे वे स्थायी हों या अस्थायी, प्रशिक्षुओं को छोड़कर, ग्रेच्युटी पाने के पात्र होंगे।
इनकम टैक्स फाइलिंग डेडलाइन
आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी है।
क्या सरकार फिर से लास्ट डेट बढ़ाएगी?
वित्त मंत्रालय पहले ही 31 जुलाई से 15 सितंबर तक एक बार विस्तार दे चुका है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जब तक कोई बड़ी तकनीकी समस्या न हो, एक और विस्तार की संभावना नहीं है। 1 सितंबर तक 4 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल हो चुके हैं, इसलिए इस गति में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे एक और राहत मिलने की संभावना कम है।


Click it and Unblock the Notifications