क्या आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न 27 जुलाई 2026 को फाइल किया था? अगर हां, तो आज यानी 26 अगस्त 2026 ई-वेरिफिकेशन करने की आखिरी तारीख है। दरअसल, रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफाई करने के लिए 30 दिनों की डेडलाइन मिलती है, जो 27 जुलाई के हिसाब से आज 26 अगस्त को खत्म हो रही है। अगर आप आज यह मौका चूक गए, तो आपका रिटर्न अमान्य (invalid) हो जाएगा और रिफंड भी अटक जाएगा।
आज किन लोगों पर इसका असर पड़ेगा? 27 जुलाई को अपना नया या रिवाइज्ड रिटर्न जमा करने वाले सभी टैक्सपेयर्स के लिए आज की डेडलाइन बेहद जरूरी है। अगर आपने फिजिकल ITR-V डाक से भेजा है, तो स्पीड पोस्ट करने की तारीख ही मान्य होगी। ध्यान रखें कि 1 अगस्त 2022 से लागू 30 दिनों का ई-वेरिफिकेशन नियम अब भी प्रभावी है।

ITR e‑Verification: आधार OTP, नेट बैंकिंग और DSC से 2 मिनट में ऐसे करें काम
सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद e-File > Income Tax Returns > e-Verify Return पर क्लिक करें। यहां ई-वेरिफिकेशन के लिए आधार OTP, नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट EVC, डीमैट EVC या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का विकल्प चुनें। OTP दर्ज करें या साइन करके प्रोसेस पूरा करें। स्क्रीन पर 'Success' मैसेज दिखते ही एक्नॉलेजमेंट नंबर सुरक्षित रख लें।
ITR e‑Verification की डेडलाइन मिस हुई तो क्या होगा? समझें परिणाम और Condonation Request
अगर 30 दिन की सीमा पार हो जाती है, तो रिटर्न अमान्य माना जाता है या फिर वेरिफिकेशन की तारीख को ही फाइलिंग डेट माना जाएगा। जब तक वेरिफिकेशन पूरा नहीं होगा, आपका रिफंड भी रुका रहेगा। ऐसी स्थिति में आपको कंडोनेशन रिक्वेस्ट (Condonation Request) फाइल करनी होगी। इसके लिए पोर्टल पर Services > Condonation Request > Delay in submission of ITR-V पर जाएं, देरी की वजह बताएं और सबमिट करें। हालांकि, देरी से फाइलिंग से जुड़े नियम और पेनल्टी भी लागू हो सकती है।
Old vs New Tax Regime: उदाहरण से समझें दोनों का अंतर
उदाहरण के लिए, अगर आपकी सालाना सैलरी 8,00,000 रुपये है और आप केवल स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा लेते हैं, तो न्यू टैक्स रिजीम में 75,000 रुपये के डिडक्शन के बाद आपकी टैक्सेबल इनकम 7,25,000 रुपये बचेगी। धारा 87A के तहत 12,00,000 रुपये तक की आय पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है (इसके ऊपर मार्जिनल रिलीफ का नियम लागू होता है)। अगर आपका 20,000 रुपये TDS कटा था, तो यह रिफंड आपको तभी मिलेगा जब आप ई-वेरिफिकेशन पूरा करेंगे। बता दें कि न्यू टैक्स रिजीम अब बाय डिफॉल्ट लागू है।
| सुविधा / नियम | ओल्ड रिजीम | न्यू रिजीम (AY 2026‑27) |
|---|---|---|
| स्टैंडर्ड डिडक्शन (सैलरी) | ₹50,000 | ₹75,000 |
| धारा 87A के तहत छूट | ₹5,00,000 तक टैक्स-फ्री आय | ₹12,00,000 तक की आय पर छूट; अधिकतम ₹60,000; मार्जिनल रिलीफ उपलब्ध |
| मान्य टैक्स छूट / डिडक्शन | 80C, 80D, HRA, होम लोन का ब्याज आदि | सीमित छूट (80CCD(2), 80CCH, स्टैंडर्ड डिडक्शन, फैमिली पेंशन) |
| डिफॉल्ट स्टेटस | चुनना पड़ता है (Opt‑in) | AY 2024‑25 से बाय डिफॉल्ट लागू |
आज रात 11:59 बजे से पहले अपना ई-वेरिफिकेशन जरूर पूरा कर लें, ताकि प्रोसेसिंग में हफ्तों की देरी न हो। यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पैन-आधार लिंक हो, कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेटेड हों और बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड हो। 27 जुलाई को रिटर्न भरने वालों के लिए 26 अगस्त 2026 ही अंतिम तारीख है। आधार OTP या नेट बैंकिंग के जरिए यह काम चुटकियों में हो जाता है।


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