आज कंपनियों के लिए चौथी तिमाही का टैक्स रिटर्न जमा करने की आखिरी तारीख है। इसी के साथ करोड़ों भारतीय टैक्सपेयर्स के लिए ITR 2026 सीजन की औपचारिक शुरुआत हो रही है। 31 मई TDS फाइलिंग की डेडलाइन है। कंपनियों को यह काम जल्द से जल्द पूरा करना होगा ताकि आपके आधिकारिक टैक्स रिकॉर्ड में सही जानकारी अपडेट हो सके।
1 जून से टैक्सपेयर्स का एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) अपडेट होना शुरू हो जाएगा। यह डिजिटल समरी साल भर में आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन का हिसाब रखती है, जिसमें महंगी खरीदारी और शेयर बाजार में ट्रेडिंग जैसे विवरण शामिल होते हैं। इसे समय रहते चेक करने से आप फाइनल रिटर्न फाइल करने से पहले ही किसी भी गलती को पकड़ सकते हैं।

Form 16 का महत्व और ITR 2026 की जरूरी तारीखें
ज्यादातर नौकरीपेशा लोग टैक्स फाइलिंग शुरू करने के लिए फॉर्म 16 का इंतजार करते हैं। कंपनियों के पास यह जरूरी डॉक्यूमेंट जारी करने के लिए 15 जून तक का समय है। इसमें आपकी कुल कमाई और पहले से कटे हुए टैक्स का पूरा ब्योरा होता है। इसे मिलते ही अपने टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट (Form 26AS) से आंकड़ों का मिलान जरूर कर लें, ताकि बाद में कोई विसंगति न रहे।
| इवेंट | डेडलाइन |
|---|---|
| Q4 TDS रिटर्न | May 31 |
| AIS डेटा अपडेट | June 1 |
| Form 16 जारी करना | June 15 |
| फाइनल ITR फाइलिंग | July 31 |
जल्दी रिटर्न फाइल करने का एक बड़ा फायदा यह है कि आपका रिफंड तेजी से प्रोसेस होता है। शुरुआती हफ्तों में टैक्स विभाग पहले आने वाले आवेदनों को प्राथमिकता देता है। किसी भी देरी से बचने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना बैंक अकाउंट पहले ही प्री-वैलिडेट कर लें। साथ ही, अपने निवेश के आधार पर नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था (Tax Regime) का चुनाव सोच-समझकर करें।
जल्दी ITR फाइल कर ऐसे पाएं ज्यादा रिफंड
सैलरी डेटा में गड़बड़ी अक्सर टैक्स नोटिस आने की मुख्य वजह बनती है। जून में ही अपना AIS चेक करके आप तुरंत सुधार की गुजारिश कर सकते हैं। अपने रेंट रिसीप्ट और इन्वेस्टमेंट प्रूफ अभी से तैयार रखें। ऐसी शुरुआती तैयारी आपको 31 जुलाई की आखिरी भागदौड़ और तनाव से बचाएगी और आपका अनुभव बेहद स्मूथ रहेगा।


Click it and Unblock the Notifications