इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की वेबसाइट और ई-फाइलिंग पोर्टल 17-18 अक्टूबर को मेंटेनेंस पर रहेगा। अगर आपकी अपील, स्टे या मिसलेनियस एप्लीकेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख इस वीकेंड पड़ रही है, तो आप इसे 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को भी फाइल कर सकते हैं। ट्रिब्यूनल बंद रहने की स्थिति में 'लिमिटेशन एक्ट' की धारा 4 और 'जनरल क्लॉजेज एक्ट' की धारा 10 टैक्सपेयर्स को यह कानूनी सुरक्षा देती है।
डेडलाइन मिस न हो, इसके लिए यह चेकलिस्ट अपनाएं: एरर का टाइमस्टैम्प वाला स्क्रीनशॉट लें, सर्वर टाइम नोट करें और फाइलिंग की कोशिशों का रिकॉर्ड सेव रखें। बैंक में अपील फीस जमा करके UTR रसीद या स्टैंप्ड काउंटरफॉइल सुरक्षित रखें। इसके बाद फॉर्म 36, संबंधित ऑर्डर, अपील के आधार (grounds) और पोर्टल बंद होने का कारण बताने वाला एक संक्षिप्त कंडोनेशन नोट तैयार कर लें। उदाहरण के लिए: "17–18 अक्टूबर 2026 को ITAT वेबसाइट मेंटेनेंस पर होने के कारण देरी हुई; सबूत संलग्न हैं।" सोमवार को सिस्टम और रजिस्ट्री खुलते ही इन्हें अपलोड या सबमिट करने के लिए तैयार रखें।

ITAT ई-फाइलिंग पोर्टल: वीकेंड पर पड़ रही है अपील की डेडलाइन?
अगर आपकी फाइलिंग की आखिरी तारीख 17 या 18 अक्टूबर है, तो सोमवार को दाखिल की गई अपील भी समय पर ही मानी जाएगी। धारा 253(5) ITAT को वाजिब कारणों से हुई देरी को माफ (condone) करने का अधिकार देती है; इसके लिए एफिडेविट के साथ जरूरी दस्तावेज जरूर संलग्न करें। वीकेंड पर अमूमन रजिस्ट्री बंद रहती है, इसलिए सोमवार सुबह सीधे जाकर भी फिजिकल कॉपी जमा कराई जा सकती है। ITAT के प्रैक्टिस नोट्स फिजिकल सबमिशन की तारीख को मान्यता देते हैं। अगर फाइलिंग में कोई त्रुटि (defect) रह जाती है, तो उसे बाद में भी सुधारा जा सकता है या बाकी डॉक्यूमेंट्स अपलोड किए जा सकते हैं।
ITAT ई-फाइलिंग पोर्टल: ओल्ड वर्सेस न्यू टैक्स रिजीम (एक नजर में)
| फीचर | ओल्ड रिजीम | न्यू रिजीम (धारा 115BAC(1A)) |
|---|---|---|
| डिफॉल्ट स्टेटस | डिफॉल्ट नहीं | अधिकांश व्यक्तिगत फाइलिंग के लिए डिफॉल्ट |
| आम डिडक्शंस | 80C, 80D, HRA, होम-लोन ब्याज की अनुमति | ज्यादातर बंद; कुछ सीमित अपवाद शामिल |
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | अनुमति है | अनुमति है |
| रिबेट | धारा 87A के तहत कम सीमा | ₹12 लाख तक आय पर; अधिकतम ₹60,000 (AY 2026–27) |
| विकल्प चुनने की प्रक्रिया | ITR में चयन करें | बिजनेस/प्रोफेशन वाले फॉर्म 10-IEA से ऑप्ट-आउट कर सकते हैं |
नौकरीपेशा पाठकों के लिए यह जानना क्यों जरूरी है? मान लीजिए, न्यू टैक्स रिजीम के तहत आपकी कुल आय ₹11.8 लाख है। असेसमेंट ईयर 2026–27 के लिए धारा 87A के तहत मिलने वाली रिबेट आपकी टैक्स देनदारी को शून्य कर देती है। लेकिन अगर असेसमेंट में गलत रिजीम लागू हो गई है, तो समय पर की गई ITAT अपील इस टैक्स डिमांड को खत्म करा सकती है। इसलिए सोमवार को अपील पैकेट जमा करने से पहले अपनी कैलकुलेशन दोबारा जांच लें और वर्किंग शीट साथ जोड़ना न भूलें।
सोमवार, 19 अक्टूबर को पोर्टल पर जल्दी लॉग इन करें, जरूरी अनैक्सचर (annexures) के साथ फॉर्म 36 अपलोड करें और स्टे या मिसलेनियस एप्लीकेशन दाखिल कर दें। इसके साथ एफिडेविट, पोर्टल स्क्रीनशॉट, बैंक चालान और कैलेंडर का प्रिंटेड पेज जरूर लगाएं। फाइलिंग के बाद पावती (acknowledgment) जनरेट करें और उसी दिन रजिस्ट्री फॉलो-अप के लिए डायरी में नोट बना लें। ये पुख्ता रिकॉर्ड आपकी लिमिटेशन अवधि को सुरक्षित रखेंगे और जरूरत पड़ने पर देरी माफ कराने के दावे को मजबूत करेंगे।


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