नई दिल्ली, मार्च 17। रिटायरमेंट प्लानिंग एक ऐसा फाइनेंशियल काम है, जिसे टाला नहीं जा सकता। आपको इसके लिए तैयारी करनी ही है। क्योंकि जाहिर सी बात यह है कि एक न एक दिन आप रिटायर होंगे ही। रिटायरमेंट एक ऐसी स्थिति होगी, जब इनकम बंद हो जाती है और सिर्फ खर्चे सामने होते हैं। असल में रिटायरमेंट के बाद बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण खर्चों में और वृद्धि होने की संभावना रहती है, जिसके नतीजे में जीवन-यापन की लागत अधिक हो जाती है। इसीलिए हम यहां आपको ऐसे कारणों की जानकारी देंगे, जिनके चलते आपको रिटायरमेंट लाइफ के लिए गारंटीड इनकम का इंतजाम करना ही होगा।
डेली खर्चे कवर करने के लिए
सेवानिवृत्ति यानी रिटायरमेंट के बाद इनकम का एक गारंटीकृत सोर्स होना महत्वपूर्ण है। पहला कारण है यदि आपका मासिक खर्च वर्तमान में 25000 रुपये है, तो बढ़ती महंगाई के कारण सेवानिवृत्ति के बाद ये राशि दोगुनी या तिगुनी होने की संभावना है। जैसे कि 90 के दशक में एक लीटर पेट्रोल की कीमत लगभग 35 रुपये से 40 रुपये थी। आज इसकी कीमत 100 रुपये से ऊपर है। इसी तरह 1 किलो चीनी की कीमत 90 के दशक में लगभग 20 रुपये से बढ़कर 45 रुपये हो गई है। तो आगे भी महंगाई बढ़ेगी। इसलिए, अपनी दिन-प्रतिदिन की जरूरतों का ध्यान रखने के लिए सेवानिवृत्ति के बाद भी नियमित आय का एक गारंटीकृत स्रोत होना महत्वपूर्ण है।
हेल्थकेयर के लिए
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसी स्थितियों में पैसे की कमी का मतलब है, उचित उपचार की कमी या इलाज की क्वालिटी से समझौता करना। हालांकि, यदि आपके पास आय का एक नियमित स्रोत है, तो आपको चिकित्सा खर्चों के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और आप अपने बजट के अनुसार बेस्ट विकल्पों को चुन सकते हैं।
भावनात्मक और वित्तीय तनाव से बचने के लिए
सेवानिवृत्ति के बाद पर्याप्त आय का अभाव भारी वित्तीय और भावनात्मक तनाव का कारण बन सकता है। कुछ मामलों में, इसका परिणाम परिवार के सदस्यों के बीच झगड़ों का भी होता है, खासकर जब आपकी युवा पीढ़ी आपके खर्चों का ध्यान रखने के लिए तैयार नहीं होती है।
दूसरों पर न रहें निर्भर
गारंटीड इनकम का न होना एक प्रतिकूल भावनात्मक माहौल बना सकता है, जो आपके मन की शांति में बाधा उत्पन्न कर सकता है। दूसरी ओर, जब आपके पास गारंटीड और नियमित आय का अपना स्रोत होता है, तो आप दूसरों पर निर्भर हुए बिना मन की शांति और स्वाभिमान के साथ रह सकते हैं।
कैसे करें तैयारी
स्टॉक और म्यूचुअल फंड जैसे बाजार से जुड़े निवेश में लंबे समय में उच्च रिटर्न देने की क्षमता होती है, लेकिन इक्विटी से जुड़ी अस्थिरता के कारण इनमें उच्च जोखिम भी होता है। पर सेवानिवृत्ति एक न टाले जाने वाली घटना है, इसलिए धन की कमी के कारण इसे किसी भी परिस्थिति में स्थगित नहीं किया जा सकता है। इसलिए बेहतर है कि गारंटीकृत इनकम योजना या जीवन बीमा कंपनियों द्वारा दी जाने वाली स्थगित वार्षिकी योजना को जोड़कर अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाएं। जब तक आप जीवित हैं, यह आपके सेवानिवृत्ति खर्चों की देखभाल करने के लिए गारंटीकृत आजीवन आय सुनिश्चित करेगा।
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