IRDAI ने पॉलिसीहोल्डर के लिए जारी किया सर्कुलर, इन बातों का हमेशा रखें ध्यान, नहीं तो पड़ेगा भारी

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (irda) ने हाल ही में सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर को जारी करने का उद्देश्य पॉलिसी होल्डर को कुछ महत्वपूर्ण बातों से अवगत करवाना है. यह देखा गया है कि लोग पॉलिसी लेते तो है, लेकिन उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते. जिसकी वजह से जरूरत पड़ने पर वे अपनी पॉलिसी का फायदा नहीं ले पाते. इसी समस्या को देखते हुए आईआरडीएआई ने सुर्कलर जारी किया है.

IRDAI-

अगर आपके पास किसी तरह की हेल्थ या लाइफ इश्योरेंस पॉलिसी है, तो यह आर्टिकल आपके लिए बड़े काम का होने वाला है. आईआरडीएआई ने इस सुर्कलर के जरिए ऐसी कई बातों से अवगत करवाया है, जिनका जानना पॉलिसी होल्डर के लिए महत्वपूर्ण है. आईआरडीएआई ने 5 सितंबर को यह मास्टर सर्कुलर जारी किया था. चलिए उन महत्वपूर्ण बातों के बारे में जान लेते हैं.

इंश्योरेंस कंपनी को दी ये जानकारी

आईआरडीएआई ने हाल ही में मास्टर सर्कुलर के तहत इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम सेटलमेंट से संबंधित बाते बताई है. आईआरडीएआई ने कहा है कि अगर कोई पॉलिसी होल्डर पॉलिसी नहीं रखना चाहता या पैसा निकलना चाहता है, तो उसके आप्लिकेशन भरने के 7 दिन के भीतर पॉलिसी कंपनी को प्रोसेस शुरू करना होगा. इसके अलावा पेमेंट तय तारीख को करना होगा. अगर कोई कंपनी सेटलमेंट में देरी करेगी, तो उसे प्रोसेस शुरू होने से लेकर पेमेंट तक उसे पैसे बैंक रेट प्लस दो फीसदी के हिसाब से चुकाना पड़ेगा.

नॉमिनेशन है जरूरी

अगर आप कोई इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद रहे हैं, तो आपको प्रपोजल फॉर्म में ही नॉमिनी के बारे में सारी जानकारी देनी होगी. क्योंकि अगर पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो कंपनी उसके नॉमिनी को ही पैसे देती है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक पॉलिसीहोल्डर एक या उसे अधिक लोगों को नॉमिनी बना सकता है

इसके अलावा पॉलिसीहोल्डर के पास यह भी अधिकार होता है कि वे किस नॉमिनी को कितना सम एश्योर्ड देना चाहता है.

आईआरडीएआई ने दी बीमा कंपनी को यह चेतावनी

आईआरडीएआई ने बीमा कंपनी को यह बताया कि अथॉराइजेशन रिक्वेस्ट मिलने के तीन घंटे बाद पॉलिसी कंपनी को उसे एप्रूव करना होगा. इसके अलावा आईआरडीएआई ने सर्कुलर के जरिए कहा कि किसी बीमा कंपनी के अथॉराइजेशन में देरी के चलते मरीज को डिस्चार्ज मिलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए.

इसके साथ ही यह भी कहा कि अगर इंश्योरेंस कंपनी को कैशलेस अथॉराइजेशन का रिक्वेस्ट आता है, तो उसे एक घंटे के अंदर एप्रूव करना पड़ेगा.

डेथ क्लेम सेटलमेंट कब देना होगा?

अगर आप पॉलिसीहोल्डर है, तो यह जानना बहुत जरूरी है कि मृत्यु के कितने समय बाद पॉलिसी कंपनी से डेथ क्लेम मिलेगा. आईआरडीएआई ने अपने सर्कुलर में कहा है कि जिन मामलों में इंश्योरेंस कंपनी को मौत की पुष्टि के लिए जांच करने की जरूरत नहीं है, उसमे कंपनी को क्लेम करने के 15 दिन के अंदर डेथ सेटलमेट प्रोसेस शुरू कना होगा.

30 दिन का हुआ फ्री लुक पीरियड

बीमा कंपनियों की तरफ से पॉलिसी होल्डर को बीमा खरीदने के 30 दिन तक उसकी स्टडी करने का समय दिया जाता है. जिसे फ्री लुक पीरियड कहते हैं. पहले फ्री लुक पीरियड की समय सीमा 15 दिन की हुआ करती थी. लेकिन अब ये बढ़ा दी गई है.

इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक फ्री लुक पीरियड के तहत पॉलिसी होल्डर पॉलिसी के बारे में समझने की कोशिश करता है. अगर उसे पॉलिसी पसंद नहीं आती, तो उसे सरेंडर कर सकता है. दूसरे शब्दों में कहे तो अगर कोई पॉलिसी होल्डर अपनी पॉलिसी से खुश नहीं है या उसे नियम पसंद नही आए, तो वे पॉलिसी कैंसिल कर सकता है.

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+