28 से 30 सितंबर 2026 (सोमवार से बुधवार) के बीच कई मेनबोर्ड आईपीओ एक साथ दांव लगाने के लिए खुल रहे हैं। आईपीओ बंद होने के आखिरी वक्त में रिटेल निवेशकों की भारी भीड़ की वजह से यूपीआई मैंडेट अटकने की समस्या बढ़ जाती है। ऐन मौके पर पेमेंट फेल होने या पैसे फंसने की झंझट से बचने के लिए मैंडेट समय रहते अप्रूव कर दें। आइए समझते हैं आईपीओ के कट-ऑफ टाइम, अलॉटमेंट टाइमलाइन, रिफंड और लाइव स्टेटस ट्रैक करने का सही तरीका।
आईपीओ बंद होने वाले दिन कट-ऑफ टाइम का इंतजार करने के बजाय दोपहर तक ही अपनी बिड सबमिट कर दें। यूपीआई मैंडेट का रिक्वेस्ट आते ही उसे कुछ ही मिनटों में अप्रूव करें, शाम तक का इंतजार भारी पड़ सकता है। दरअसल बैंकों की अपनी इंटरनल यूपीआई टाइमिंग होती है, जो एक्सचेंज के बंद होने से पहले ही समाप्त हो सकती है। अपने बैंक खाते में बिड राशि के बराबर फ्री बैलेंस जरूर रखें। ध्यान रहे कि फिलहाल यूपीआई के जरिए आईपीओ में प्रति मैंडेट अधिकतम 5 लाख रुपये तक की बिड लगाई जा सकती है।

UPI मैंडेट कट-ऑफ और PAN/KYC से जुड़ी जरूरी बातें
आवेदन करते समय ध्यान रखें कि आवेदक का पैन कार्ड, डिमैट और बैंक अकाउंट में दर्ज नाम पूरी तरह से मैच होना चाहिए। अगर नाम में थोड़ी सी भी स्पेलिंग मिस्टेक हुई या किसी थर्ड-पार्टी यूपीआई हैंडल का इस्तेमाल किया गया, तो एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएगी। पेंडिंग मैंडेट, एक्सपायर्ड लिंक या खाते में कम बैलेंस की वजह से अक्सर ट्रांजेक्शन फेल होते हैं। अगर काफी देर तक मैंडेट का लिंक न मिले, तो तुरंत फिर से बिड री-इनिशिएट करें। इसके अलावा अपने यूपीआई ऐप में 'IPO Intent' का ऑप्शन ऑन रखें, क्योंकि कुछ बैंक इसे डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रखते हैं।
अलॉटमेंट की टाइमलाइन, रिफंड और लाइव सब्सक्रिप्शन कैसे करें ट्रैक
अलॉटमेंट की तेज प्रक्रिया के चलते अब मेनबोर्ड आईपीओ इश्यू बंद होने के T+3 दिनों के भीतर शेयर बाजार में लिस्ट हो जाते हैं। शेयरों के अलॉटमेंट का आधार आमतौर पर T+1 या T+2 दिन में फाइनल हो जाता है। इसके तुरंत बाद ही बैंकों के प्रोसेसिंग साइकिल के हिसाब से पैसों का लियन रिलीज या रिफंड क्रेडिट होना शुरू हो जाता है। अगर बीच में वीकेंड या कोई सरकारी छुट्टी पड़ जाए, तो रिफंड का पैसा खाते में दिखने में अगले वर्किंग डे तक का समय लग सकता है। किसी भी तरह की अफवाहों के बजाय स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक नोटिस से ही अलॉटमेंट की सही जानकारी लें।
अगर परिवार के हर सदस्य का अपना अलग पैन कार्ड और डिमैट अकाउंट है, तो आप उनके नाम से अलग-अलग अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि, एक पैन कार्ड से केवल एक ही रिटेल एप्लिकेशन लगाने की इजाजत होती है, वरना आवेदन रद्द हो जाएगा। कुछ बैंक या यूपीआई ऐप प्रति हैंडल मैंडेट की एक सीमा तय रखते हैं, इसलिए उसी हिसाब से प्लानिंग करें। आईपीओ के लाइव सब्सक्रिप्शन का डेटा देखने के लिए ग्रे-मार्केट की चर्चाओं के बजाय स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक पोर्टल को फॉलो करें। सिर्फ अनुमानित प्रीमियम (GMP) के भरोसे दांव लगाने के बजाय कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट्स, अलॉटमेंट पॉलिसी और फंडामेंटल्स को देखकर ही समझदारी भरा फैसला लें।


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