नई दिल्ली। आजकल बैंक एफडी का ब्याज तेजी से घट रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि बाजार में अच्छा रिटर्न पाने के मौके न हों। ऐसा मौका सरकार और कंपनियों के बांड में मिलता है। इन बांड में निवेश कर एफडी से भी अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है। आमतौर पर जैसे लोग शेयर बाजार के बारे में धारणा रखते हैं, कुछ वैसी ही धारणा बांड के बारे में भी रखते हैं। लेकिन एफडी के घटते ब्याज के बीच जरूरत है कि लोग बांड के बारे में सही जानकारी लें और फायदा उठाएं। बांड एक निश्वित आय देने वाले ऋण उत्पाद होते हैं, ऐसे में इनको अपने पोर्टफोलिओ को संतुलित और सुरक्षित बनाने के लिए जगह देना चाहिए। इसलिए लोगों को अपने वित्तीय सलाहकार से इस बारे में पूरी जानकारी लेना चाहिए। लोगों की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए हमने वाईज फिनसर्व के जोनल मैनेजर, फायनेंसियल प्रोडक्ट एण्ड सर्विसेज पवन कुमार सिंह से इस बारे में पूरी जानकारी लेने की कोशिश की है। आइये जानें बांड क्या हैं और कैसे इनमें निवेश कर फायदा उठा सकते हैं।
सबसे पहले जानें बांड में निवेश में क्यों करना चाहिए
हर व्यक्ति चाहता है उसको निश्चित आमदनी हो। ऐसी आमदनी आमतौर पर रिटायर लोग ज्यादा चाहते हैं। हालांकि बांड में हर कोई निवेश कर सकता है, लेकिन कुछ ऐसे निवेशक हैं, जिनके लिए बॉण्ड में निवेश अच्छा हो सकता है। इनमें सेवानिवृत्ति के बाद एक निश्चित व स्थायी आमदनी चाहने वाले लोग हो सकते हैं। इसके अलावा जो अपने निवेश और मूलधन पर अधिक जोखिम लिए वगैर अच्छा रिटन चाहते हैं। ऐसे लोग भी बांड में निवेश कर सकते हैं, जो फिक्स डिपॉजिट यानी एफडी की घटती ब्याज दर से परेशान हों।
आइये जानते हैं कि कौन जारी करता है बॉन्ड
बांड मुख्यतः केन्द्र सरकार, राज्य सरकारें,भारतीय रिजर्व बैंक या फिर कंपनियों की तरफ से जारी किए जाते हैं। यह अपने नियमित खर्चों को पूरा करने या फिर विकास की योजनाओं को पूरा करने के लिए बांड के माध्मय से पैसा जुटाते हैं। अगर आप बांड में निवेश करने की सोच रहे हैं, इन बांड से जुड़े इन शब्दों का मतलब पहले ही समझ लें।
फेस वैल्यू : यह वो मूल्य है जिस पर बांड जारी किये जाते हैं। सामान्यतः एक बांड की फेस वैल्यू 1000 रुपये होती है।
कूपन रेट : इसे आप पूर्व निर्धारित ब्याज दर के तौर पर समझ सकते हैं, अर्थात जिस वार्षिक दर से आपको बांड से आय प्राप्त होगी।
परिपक्वता : यह वो अवधि होती है जितने समय के लिए बांड जारी किए जाते हैं, अर्थात जितने समय के बाद बांड जारीकर्ता आपसे अपना बांड वापस लेकर आपको बांड की फेस वैल्यू वापस कर देता है।
अब जानिए कितने प्रकार के होते हैं बांड
बांड मुख्यतः 4 प्रकार के होते हैं
-सुरक्षित बांड
-असुरक्षित बांड
-अनिश्चित बांड
-कर मुक्त बांड
वाईज फिनसर्व के जोनल मैनेजर, फायनेंसियल प्रोडक्ट एण्ड सर्विसेज पवन कुमार सिंह के अनुसार बांड में निवेश करते समय, अपनी जरूरतों और समयावधि के मुताबिक अच्छी रेटिंग के और सुरक्षित बांड में ही निवेश करना चाहिए। बांड में एकमुश्त बड़ी राशि का निवेश होता है, अतः इसके चयन में अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लेना चाहिए।
More From GoodReturns

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?



Click it and Unblock the Notifications