नई दिल्ली, नवंबर 10। बढ़ती लागत को देखते हुए, माता-पिता अपनी बेटियों को बेहतर जीवन देने के लिए बचत और निवेश करने के कई तरीके अपनाते हैं। हालांकि, अधिकांश निवेश ऑप्शन कुछ जोखिमों या सीमाओं के साथ आते हैं। पर कोई भी माता-पिता अपनी बेटी के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पैसे की बचत करते हुए कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेगा। अगर आप भी अपनी बेटी के लिए बचत करना चाह रहे हैं तो केंद्र सरकार की एक योजना आपके बहुत काम आ सकती है। ये है सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई)। ये एक ऐसी योजना है जिस पर आपको जरूर ध्यान देना चाहिए। आगे जानिए इस योजना की पूरी डिटेल।
मिलेगी सरकारी गारंटी
एसएसवाई एक सरकारी सपोर्ट और गारंटी वाली निवेश योजना है जिसका उद्देश्य बेटियों के फ्यूचर के लिए बचत करना है। योजना के तहत रिटर्न की गारंटी सरकार देती है। इसके अलावा, माता-पिता भी एसएसवाई खाते में जमा राशि पर टैक्स बेनेफिट का आनंद ले सकते हैं।
कितनी है मौजूदा ब्याज दर
फिलहाल एसएसवाई जमा पर 7.6 फीसदी ब्याज दर ऑफर की जा रही है। यह दर सरकार द्वारा हर तिमाही में संशोधित की जाती है। हालांकि पिछली कई तिमाहियों से केंद्र सरकार ने एसएसवाई खाते की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। एसएसवाई ब्याज दर अन्य छोटी बचत योजनाओं (जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट आदि) की तुलना में अधिक है। यह वर्तमान में अधिकतर प्रमुख सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दी जा रही एफडी पर ब्याज दरों से भी बेहतर है।
क्या था इस योजना का मकसद
एसएसवाई को केंद्र सरकार ने अपने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत लॉन्च किया था। तब से सरकार ने एसएसवाई जमा पर अन्य बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तुलना में अधिक ब्याज दर की पेशकश की है। शिक्षा की बढ़ती लागत और बाकी हर चीज के बारे में चिंतित माता-पिता के लिए ये स्कीम सुरक्षा और उच्च ब्याज दर के लिहाज से निवेश का बेहतरीन विकल्प है।
खाते की मैच्योरिटी अवधि
एसएसवाई खाता 21 साल में मैच्योर होता है। इसलिए अगर आप 5 साल की बेटी के लिए एसएसवाई खाता खोलते हैं, तो खाता 21 साल के बाद मैच्योर हो जाएगा, यानी जब बेटी 26 साल की हो जाएगी। हालांकि, शादी के कारण 18 साल की उम्र के बाद एसएसवाई खाते से पैसा निकालने की अनुमति है। बेटी 18 वर्ष की आयु के बाद खुद योजना में पैसा जमा कर सकती है जबकि माता-पिता भी इसे जारी रख सकते हैं।
अधिकतम 1.5 लाख रु की निवेश सीमा
एसएसवाई खाता सिर्फ 10 साल से कम उम्र की बच्ची के नाम से ही खोला जा सकता है। एक परिवार में दो एसएसवाई खाते खोले जा सकते हैं। एसएसवाई के तहत, एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम जमा राशि की लिमिट 1.5 लाख रुपये है। कोई भी लड़की के नाम पर 250 रुपये जमा करके एसएसवाई खाता खोल सकता है। एसएसवाई खाते के तहत ब्याज दर किसी वित्तीय वर्ष की किसी भी तिमाही में बदल सकती है, इसलिए पहले से मैच्योरिटी राशि की सटीक गणना संभव नहीं है। हालांकि 15 साल तक 1.5 लाख रुपये की जमा राशि पर 7.6 फीसदी का रिटर्न मानें तो 21 साल बाद मैच्योरिटी राशि लगभग 66 लाख रुपये होने की उम्मीद की जा सकती है।
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