नई दिल्ली, अप्रैल 15। 31 मार्च, 2022 को समाप्त होने वाली अवधि के वित्तीय नतीजे पेश करने से पहले शेयरखान ने कुछ लार्जकैप फार्मा कंपनियों के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। शेयरखान एक ब्रोकरेज फर्म है, जो शेयरों में अन्य सेवाओं के अलावा चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी की सलाह भी देती है। आगे जानिए इन 6 शेयरों के नाम और उनका टार्गेट प्राइस।
अरबिंदो फार्मा : टार्गेट 875 रुपये
अरबिंदो फार्मा का शेयर इस समय 682.25 रु पर है। पर इसके लिए टार्गेट है 875 रु का। यानी ये मौजूदा भाव से 28 फीसदी से अधिक रिटर्न दे सकता है। इसका 1 महीने का रिटर्न 9.7 फीसदी रहा है। ये शेयर बीते 1 साल में 25.46 फीसदी नुकसान करा चुका है।
ल्यूपिन : टार्गेट 1012 रुपये
ल्यूपिन का शेयर इस समय 774.50 रु पर है। मगर इस शेयर के लिए टार्गेट 1012 रु का है। ये शेयर मौजूदा भाव से आपको 43.6 फीसदी रिटर्न दे सकता है। इस तरह आपको तगड़ा रिटर्न मिल सकता है। ये शेयर बीते 1 महीने में करीब 5 फीसदी रिटर्न दे चुका है।
टोरेंट फार्मा : टार्गेट 3540 रुपये
टोरेंट फार्मा का शेयर इस समय 2850.50 रु पर है। ये आपको 3540 रु तक जाने में आराम से करीब 21 फीसदी रिटर्न दे सकता है। यदि आप इसमें 4 लाख रु का निवेश करें तो बहुत जल्द आपकी राशि 5 लाख रु से अधिक हो जाएगी।
सन फार्मा : टार्गेट 1000 रुपये
सन फार्मा का शेयर इस समय 935.25 रु पर है। पर इसके लिए टार्गेट 1000 रुपये का है। आप आराम से करीब 7 फीसदी रिटर्न हासिल कर सकते हैं। ये शेयर 6 महीनों में 11.89 फीसदी और 2022 में अब तक 10.17 फीसदी रिटर्न दे चुका है।
डॉ रेड्डीज : टार्गेट 5900 रुपये
डॉ रेड्डीज का शेयर इस समय 4302 रु पर है। पर इसके लिए टार्गेट 5900 रुपये का है। आप आराम से इस शेयर से करीब 37 फीसदी से अधिक रिटर्न हासिल कर सकते हैं। ये शेयर 6 महीनों में 11.80 फीसदी और 2022 में अब तक 11.36 फीसदी नुकसान करा चुका है।
आईपीसीए : टार्गेट 1160 रुपये
आईपीसीए का शेयर इस समय 1040.65 रु पर है। पर इसके लिए टार्गेट 1160 रुपये का है। आप आराम से इस शेयर से करीब 11.5 फीसदी रिटर्न हासिल कर सकते हैं। ये शेयर 6 महीनों में 13.84 फीसदी और 2022 में अब तक 3.63 फीसदी नुकसान करा चुका है। एक बात हमेशा ध्यान रहे कि प्राइस-अर्निंग रेशियो (पी/ई) सस्ते शेयरों की पहचान करने का मुख्य फैक्टर है। हाई पी/ई अनुपात बताता है कि कंपनी की कमाई की तुलना में स्टॉक की कीमत अधिक है। दूसरी ओर लो पी/ई अनुपात बताता है कि कंपनी की कमाई की तुलना में शेयर की कीमत कम है और इसलिए अंडरवैल्यूड है। ऐसे शेयर खरीदने में फायदे की उम्मीद बहुत अधिक होती है। दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट कहते हैं कि प्राइस वह है जो आप चुकाते हैं और वैल्यू वह है जो आपको मिलता है। इसलिए वैल्यू इनवेस्टर्स वे इनवेस्टर्स होते हैं, जो उन शेयरों की तलाश करते हैं, जिनके लिए उन्हें लगता है कि वे अंडरवैल्यूड हैं। अंडरवैल्यू का मतलब होता है सस्ता शेयर और यहां सस्ते का मतलब कीमत से नहीं है।


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