नई दिल्ली, मार्च 29। 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद से महंगाई के अलावा अन्य झटके लगते जा रहे हैं। हालांकि एक बड़ा झटका अभी बाकी लग रहा है। आशंका है कि यह झटका 1 अप्रैल 2022 को लग जाए। हालांकि अभी तक जहां पीएफ पर ब्याज दर में कटौती का झटका लगा है। इसके अलावा दूध के दाम बढ़ना, फिर गैस सिलेंडर के दाम बढ़ना जैस झटके भी लग चुके हैं। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के दाम रोज बढ़ना शुरू हो चुके हैं। आज लगातार दूसरा दिन है, जब पेट्रोल और डीजल महंगा किया गया है। दो दिन में ही पेट्रोल और डीजल 1.60 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। आइये अब जानते हैं कि अगला झटका क्या लग सकता है।
अब घट सकती हैं पोस्ट ऑफिस की ब्याज दरें
देश में पोस्ट ऑफिस में इस वक्त सबसे ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है। ऐसे में आशंका है कि जब पीएफ का ब्याज घटाया गया है, तो 1 अप्रैल 2022 से पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं का ब्याज भी घट सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह देश की बहुत ही बड़ी आबादी के लिए ज्यादा बड़ा झटका होगा। क्योंकि शायद ही ऐसा कोई परिवार हो, जिसके पास पोस्ट आफिस बचत योजना न हो। आइये जानते हैं कि ऐसी आशंका क्यों है।
जानिए क्यों घट सकती हैं पोस्ट आफिस जमा योजनाओं की ब्याज दरें
बताया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ने सरकार से कहा है कि पोस्ट ऑफिस की लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती की जरूरत है। जानकारी के अनुसार आरबीआई ने कहा है कि यह कटौती तय फार्म्यूले के तहत की जानी चाहिए। आरबीआई ने अपनी "स्टेट ऑफ द इकोनॉमी" रिपोर्ट में कहा है कि यह कटौती अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में की जानी चाहिए और यह 9 बेसिस प्वाइंट से लेकर 118 बेसिस प्वाइंट (बीपीएस) की सीमा में की जानी चाहिए। यहां पर ध्यान रखना चाहिए कि 100 बीपीएस का मतलब 1 फीसदी होता है।
जानिए अभी क्या हैं पोस्ट आफिस बचत स्कीमों की ब्याज दरें
पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं : ये हैं लेटेस्ट ब्याज दरें
- पोस्ट ऑफिस बचत खाता : 4 प्रतिशत
- पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट : 5.8 प्रतिशत
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना : 7.4 प्रतिशत
- सुकन्या समृद्धि योजना : 7.6 प्रतिशत
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड : 7.1 प्रतिशत
- पोस्ट ऑफिस मंथली स्कीम 6.60 प्रतिशत
- किसान विकास पत्र 6.9 प्रतिशत
- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट 6.8 प्रतिशत
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट
- 1 से 3 साल के लिए : 5.5 प्रतिशत
- 5 साल के लिए : 6.7 प्रतिशत


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