UPI Transaction Rule: आज के जमाने में डिजिटल पेमेंट का प्रचलन काफी बढ़ गया है और इसके साथ ही भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के ज़रिए पेमेंट करने की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इस बीच यूपीआई के ज़रिए पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है।

दरअसल, सरकार विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए UPI के ज़रिए लेनदेन को और आसान और सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए विदेशों में भी पैसे भेजने के प्रोसेस को तेज और सस्ता बनाने जा रही है।
इसकी शुरुआत दुबई से हो चुकी है। दुबई में UPI-UPU इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट की शुरूआत हो चुकी है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में इस पहल की शुरुआत की। यह कदम भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के इंटरकनेक्शन प्लेटफॉर्म से जोड़ता है। इस प्रोजेक्ट को इंडिया पोस्ट, एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और UPU ने मिलकर तैयार किया है।
UPI से कैसे विदेशों में भेज सकते हैं पैसे?
UPI के ज़रिए विदेशों में पैसा भेजने के लिए आपको थोड़ा सा अपने सिस्टम में बदलाव करना होगा। यानी यूपीआई को ग्लोबल पोस्ट नेटवर्क से लिंक करके यूजर्स डाकघरों के जरिए कम लागत और तेजी के साथ दूसरे देशों में पैसे भेज पाएंगे।
सबसे खास बात है कि UPU नेटवर्क 190 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। इससे इस सिस्टम से माइग्रेंट वर्कर्स और उनके परिवारों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है जो उन क्षेत्रों में रहते हैं जहां बैंकों तक उनकी पहुंच सीमित है।
सिंधिया ने इस लॉन्च को बेहतर फाइनेंशियल सर्विसेज की दिशा में एक अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा, "डाक नेटवर्क पर विश्वास और UPI की तेजी का मतलब है कि लोग सेफ्टी की परवाह किए बिना दूसरे देशों में तेजी से बहुत कम लागत पर पैसा भेज सकते हैं।"
ग्लोबल लेवल पर बढ़ रहा भारत का डिजिटल प्रभाव
यह प्रोजेक्ट ग्लोबल लेवल पर भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है। ऑफिसियल डेटा के अनुसार, पिछले साल भारतीय डाक ने 90 करोड़ से ज्यादा पत्र और पार्सल पहुचाएं हैं, जबकि जन धन और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के तहत 56 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खोले गए हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाओं के नाम शामिल हैं।


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